हर भारतीय घर के किचन में एल्युमीनियम फॉयल जरूर दिखाई देता होगा। रोटी गर्म रखने से लेकर सब्जी पैक करने तक इसका इस्तेमाल होता है। बाजार में मिलने वाली यह पतली चादरें दो तरफ से अलग दिखती हैं एक चमकदार और दूसरी फीकी। सोशल मीडिया पर दावे उड़ते हैं कि 99 प्रतिशत लोग गलत साइड का उपयोग कर रहे हैं। इससे खाना जल्दी खराब होता है या सेहत को नुकसान पहुंचता है। लेकिन वास्तविकता इससे अलग है। यह फर्क सिर्फ निर्माण प्रक्रिया का नतीजा है न कि कोई जादुई गुण।

Table of Contents
निर्माण की प्रक्रिया समझें
फॉयल बनाने के दौरान मोटी एल्युमीनियम शीट को कई रोलर्स से गुजारकर पतला किया जाता है। अंतिम स्टेज में दो शीटें एक साथ दबाई जाती हैं। स्टील रोलर वाली सतह चिकनी होकर चमकदार बन जाती है। दूसरी तरफ जो शीट से सटी रहती है वह फीकी रह जाती है। दोनों पक्षों की मोटाई रासायनिक गुण और मजबूती बराबर होती है। सिर्फ बाहरी खत्म में अंतर आता है। सामान्य उपयोग में यह दिखावटी फर्क कोई बड़ा बदलाव नहीं लाता।
रोजमर्रा के इस्तेमाल में सच्चाई
घरेलू कामों जैसे टिफिन पैकिंग या फ्रिज स्टोरेज में कोई साइड सही या गलत नहीं। चाहे चमकदार अंदर रखें या बाहर कोई फर्क नहीं पड़ता। हीटिंग या ठंडक बनाए रखने में भी मामूली अंतर होता है जो नगण्य है। ओवन या ग्रिल पर प्रोफेशनल कुक कभी डल साइड अंदर रखकर धीमी गर्मी का फायदा लेते हैं। लेकिन घर की गैस पर यह जरूरी नहीं। वायरल वीडियो अक्सर अतिशयोक्ति करते हैं। साइड बदलने से न पकाव की गति बढ़ती है न शेल्फ लाइफ लंबी होती है।
लोकप्रिय भ्रम और उनकी हकीकत
लोग सोचते हैं कि चमकदार साइड से गर्मी ज्यादा झलकती है इसलिए इसे बाहर रखें। हकीकत यह है कि अंतर इतना कम है कि महसूस ही नहीं होता। दूसरा भ्रम फीके साइड को सुरक्षित मानना। कथित तौर पर चमकदार से धातु ज्यादा खाने में घुल जाती है। अध्ययनों से पता चलता है कि घुलन तापमान अम्लता और संपर्क समय पर निर्भर करता है। साइड का इसमें कोई रोल नहीं। टमाटर नींबू या सिरके वाले भोजन को लंबे समय तक न रखें चाहे कोई भी साइड हो।
सही उपयोग के टिप्स
असली समस्या साइड चुनने में नहीं बल्कि आदतों में है। बहुत गर्म खाने को कसकर लपेटकर टिफिन न भेजें। माइक्रोवेव में कभी न डालें वरना चिंगारी लग सकती है। सिंगल यूज ही करें दोबारा इस्तेमाल न करें। बच्चों के लंच के लिए स्टील ग्लास या सिलिकॉन बॉक्स बेहतर विकल्प हैं। एसिडिक भोजन के बीच बटर पेपर की लेयर डालें। ओवन यूज पर हाई टेम्परेचर से बचें। फॉयल का उपयोग सीमित रखें ताकि सेहत सुरक्षित रहे।
















