
केंद्र सरकार ने देश के राशन कार्ड धारकों और नारियल किसानों के हित में एक ऐतिहासिक कदम उठाने के संकेत दिए हैं, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि सरकार अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से अन्य खाद्य तेलों के स्थान पर नारियल तेल उपलब्ध कराने पर विचार कर रही है।
यह भी देखें: 12 साल का रेंट एग्रीमेंट और मकान आपका? किरायेदार के मालिकाना हक को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा, जानें कड़वा सच
Table of Contents
किसानों की आय बढ़ाने के लिए मास्टर प्लान
नारियल विकास बोर्ड (CDB) ने पहले ही सभी राज्य सरकारों को पत्र लिखकर राशन की दुकानों में नारियल तेल को शामिल करने का सुझाव दिया है। इस फैसले के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य नारियल उत्पादक किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य दिलाना और बिचौलियों के चंगुल से मुक्त कराना है।
- स्थिर बाजार: राशन दुकानों के माध्यम से वितरण से नारियल किसानों को एक स्थायी और बड़ा बाजार मिलेगा।
- आय में वृद्धि: नारियल क्षेत्र से जुड़े करीब 1 करोड़ किसानों और 3 करोड़ आश्रितों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
- प्रसंस्करण को बढ़ावा: ‘नारियल प्रोत्साहन योजना’ (Coconut Promotion Scheme) के तहत उत्पादन और प्रसंस्करण (Processing) पर विशेष जोर दिया जाएगा।
आम जनता को मिलेंगे सेहत के साथ सस्ते दाम
यह फैसला न केवल किसानों बल्कि गरीब परिवारों के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित होगा।
- पोषण और स्वास्थ्य: नारियल तेल को अन्य तेलों के मुकाबले अधिक पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प के रुप में देखा जा रहा है।
- रियायती दरें: राशन कार्ड धारकों को यह तेल सब्सिडी वाली दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा केरल जैसे राज्यों में ओणम जैसे त्योहारों पर पहले से ही रियायती दरों पर नारियल तेल वितरित किया जाता रहा है।
यह भी देखें: विक्रम संवत 2083! क्या है विक्रम और शक संवत में अंतर? जानें इस बार कब से शुरू हो रहा नया साल
उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में विस्तार
उत्तर प्रदेश सरकार ने भी राशन की दुकानों पर रोजमर्रा की 35 तरह की वस्तुएं उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, ताकि राशन डीलरों की आय भी बढ़ सके नारियल तेल को इस सूची में शामिल करने से उपभोक्ताओं को उचित दर पर शुद्ध तेल मिल सकेगा।
















