
ईरान और इजरायल के बीच छिड़े युद्ध के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ-साथ पाकिस्तान की कमर टूट गई है, मध्य पूर्व में तनाव और तेल आपूर्ति बाधित होने की खबरों के बीच पाकिस्तान सरकार ने ईंधन की कीमतों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी कर दी है, सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दामों में 55 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया है, जिसके बाद देशभर में अफरा-तफरी का माहौल है।
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तेल की कीमतों ने छुआ आसमान (ताजा रेट)
आज (7 मार्च 2026) से लागू हुई नई कीमतों के अनुसार, पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल के भाव अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं:
- पेट्रोल (Motor Spirit): पुरानी कीमत 266.17 PKR से बढ़कर अब 321.17 PKR प्रति लीटर हो गई है।
- हाई-स्पीड डीजल (HSD): पुरानी कीमत 280.86 PKR से उछलकर 335.86 PKR प्रति लीटर पर पहुंच गई है।
पंपों पर ‘तेल’ के लिए ‘जंग’, मची लूट
कीमतों में भारी वृद्धि और सप्लाई कटने की आशंका के चलते लाहौर, कराची और इस्लामाबाद समेत तमाम बड़े शहरों में पेट्रोल पंपों पर वाहनों की मीलों लंबी लाइनें देखी जा रही हैं, स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि कई पेट्रोल पंपों ने स्टॉक खत्म होने का बोर्ड लगा दिया है, जिससे जनता में भारी आक्रोश है।
संकट की बड़ी वजह: स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर खतरा
विशेषज्ञों के मुताबिक, ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) को बंद किए जाने की धमकियों ने पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ा दी हैं पाकिस्तान अपनी जरुरत का बड़ा हिस्सा ईरान से आने वाली तस्करी के तेल से पूरा करता था, जो युद्ध के कारण पूरी तरह ठप हो गया है, वर्तमान में पाकिस्तान के पास मात्र 25 से 28 दिनों का ही पेट्रोल स्टॉक बचा है।
सरकार उठा सकती है सख्त कदम
बिगड़ते हालात को देखते हुए शहबाज शरीफ सरकार अब ईंधन बचाने के लिए वर्क-फ्रॉम-होम (WFH) लागू करने और सप्ताह में एक दिन अतिरिक्त छुट्टी घोषित करने जैसे आपातकालीन उपायों पर विचार कर रही है।
















