
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में इन दिनों इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का क्रेज सिर चढ़कर बोल रहा है, सरकार की ओर से दी जा रही सब्सिडी और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच लोग तेजी से EV शोरूम का रुख कर रहे हैं, लेकिन क्या इलेक्ट्रिक कार हर किसी के लिए मुनाफे का सौदा है? ऑटो एक्सपर्ट्स की मानें तो अगर आपकी जीवनशैली में 3 बुनियादी चीजें शामिल नहीं हैं, तो नई चमचमाती EV आपके लिए सुविधा नहीं, बल्कि मुसीबत का सबब बन सकती है।
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घर पर पार्किंग और चार्जिंग का अभाव
EV का सबसे बड़ा फायदा तभी है जब आप इसे रातभर अपने घर पर चार्ज कर सकें अगर आप किसी ऐसी सोसाइटी या मकान में रहते हैं जहां अपनी निजी पार्किंग (Dedicated Parking) नहीं है या चार्जर लगाने की सुविधा नहीं है, तो EV खरीदना आपके लिए सबसे बड़ी भूल होगी। बार-बार पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों की तलाश करना और वहां घंटों इंतजार करना आपकी दिनचर्या को अस्त-व्यस्त कर सकता है।
कम डेली रनिंग (लो माइलेज यूसेज)
एक इलेक्ट्रिक कार की कीमत उसकी समकक्ष पेट्रोल कार से करीब 4 से 5 लाख रुपये अधिक होती है, विशेषज्ञों के अनुसार, अगर आपकी रोजाना की रनिंग 50 किलोमीटर से कम है, तो कार की अतिरिक्त कीमत (Premium) को रिकवर करने में आपको सालों लग जाएंगे, कम ड्राइविंग करने वालों के लिए पेट्रोल या हाइब्रिड कार आज भी आर्थिक रूप से बेहतर विकल्प है।
अनिश्चित लंबी यात्राएं और रेंज का डर
क्या आप अक्सर लंबी दूरी की यात्राएं करते हैं? यदि हां, तो EV आपको ‘रेंज एंग्जायटी’ (Range Anxiety) दे सकती है, भारत के कई हाईवे पर अभी भी फास्ट चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी है, अगर आपकी यात्रा का रुट तय नहीं रहता या आप बार-बार हाईवे पर सफर करते हैं, तो चार्जिंग के लिए घंटों रुकना आपके सफर के समय को 30-40% तक बढ़ा सकता है।
इलेक्ट्रिक कार सिर्फ पर्यावरण प्रेम या दिखावे के लिए न खरीदें अगर आपके पास घर पर चार्जिंग पॉइंट है, आपका दैनिक रनिंग अधिक है और आपके पास शहर के भीतर चलाने के लिए पर्याप्त रेंज है, तभी यह एक समझदारी भरा निवेश होगा।
















