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विधवा पेंशन का पैसा खाते में आया या नहीं? घर बैठे 2 मिनट में ऐसे चेक करें अपना पेमेंट स्टेटस, देखें नई लिस्ट

नई लिस्ट जारी, पेंशन रुकी तो क्या करें? मोबाइल से ही PFMS पोर्टल पर नाम सर्च कर लें। स्टेटस, डेट, अमाउंट सब एक क्लिक में! देर न करें, अभी चेक करें।

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उत्तर प्रदेश सरकार की विधवा पेंशन योजना ने महिलाओं के जीवन को आसान बना दिया है। अब लाभार्थी बिना कहीं जाए अपना पेंशन स्टेटस चेक कर सकती हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन पोर्टल पर फरवरी 2026 की ताजा लाभार्थी सूची अपलोड हो चुकी है। इसमें पेमेंट की स्थिति साफ दिखाई देती है। यह व्यवस्था आर्थिक रूप से कमजोर विधवाओं के लिए बड़ी राहत लेकर आई है।

विधवा पेंशन का पैसा खाते में आया या नहीं? घर बैठे 2 मिनट में ऐसे चेक करें अपना पेमेंट स्टेटस, देखें नई लिस्ट

सरकार हर महीने पात्र महिलाओं को 500 से 1000 रुपये तक की सहायता देती है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए यह राशि सीधे बैंक खाते में जाती है। देरी होने पर तुरंत पता चल जाता है। पोर्टल पर जिला, ब्लॉक और गांव स्तर की जानकारी उपलब्ध है। लाखों महिलाएं इसका फायदा उठा रही हैं।

चरणबद्ध तरीके से स्टेटस जांचें

प्रक्रिया बेहद सरल है। आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। विधवा पेंशन अनुभाग चुनें। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालें। आने वाले OTP को सत्यापित करें। जिला, विकास खंड और ग्राम पंचायत का चयन करें। सूची खुल जाएगी। नाम ढूंढें। स्वीकृति संख्या और भुगतान विवरण नजर आएंगे। स्थिति पेड, पेंडिंग या अस्वीकृत हो सकती है। पूरा काम दो मिनट में हो जाता है।

मोबाइल यूजर्स UMANG एप्लिकेशन का सहारा ले सकते हैं। आधार या राशन कार्ड से भी वैरिफिकेशन होता है। बैंक खाते से जुड़ी सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से ट्रांसफर कन्फर्म करें। समस्या की स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।

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अन्य राज्यों के लिए विकल्प

उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार में अलग पोर्टल उपलब्ध है। आधार या पंजीकरण आईडी डालकर रिपोर्ट देखें। राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा में समान सुविधा है। केंद्र की योजना के तहत पेंशन ट्रैकिंग संभव है। हर राज्य का अपना सिस्टम है। सभी जगह डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर लागू है।

नई सूची में क्या नया है

फरवरी 2026 की अपडेटेड सूची में 50 लाख से ज्यादा नाम शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सालाना 56,000 रुपये आय सीमा है। उम्र 18 से 79 वर्ष रखी गई है। हालिया चक्र में 80 प्रतिशत राशि वितरित हो चुकी है। देरी के प्रमुख कारण बैंक विवरण गलत होना या KYC अधूरा रहना है। मार्च तक सभी लंबित भुगतान निपटाने के निर्देश हैं।

लाभार्थियों की संतुष्टि बढ़ी

स्थानीय महिलाएं इस डिजिटल व्यवस्था की तारीफ कर रही हैं। सरिता देवी कहती हैं कि पहले कार्यालय दौड़ना पड़ता था। अब फोन से ही सब पता चल जाता है। लखनऊ की मीना को नई सूची में नाम मिला। अगले दिन ही राशि खाते में आ गई। यह बदलाव महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहा है। आर्थिक सुरक्षा मजबूत हो रही है।

सावधानियां बरतें

फर्जी वेबसाइटों से दूर रहें। केवल सरकारी लिंक इस्तेमाल करें। KYC के नाम पर पैसे न दें। नाम न मिलने पर ब्लॉक कार्यालय जाएं। नया आवेदन भरें। साइबर धोखाधड़ी से बचाव जरूरी है।

यह पहल कागजी काम को कम कर रही है। उत्तर प्रदेश डिजिटल शासन का मॉडल बन रहा है। सभी पात्र महिलाएं इसका लाभ लें। अधिक सहायता के लिए आधिकारिक साइट देखें। योजना से लाखों परिवार मजबूत हो रहे हैं।

Author
info@gurukulbharti.in

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