उत्तर प्रदेश सरकार ने गरीबों के लिए राशन कार्ड की ताजा पात्रता सूची जारी कर दी है। इस नई लिस्ट में वे लोग जिन्होंने समय पर ई-केवाईसी नहीं कराया, उनके नाम कट गए हैं। अब लाखों परिवारों को सस्ता अनाज मिलना मुश्किल हो गया है। कई इलाकों में लोग परेशान हैं और जल्दी से अपनी स्थिति जानना चाहते हैं। यह बदलाव राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत किया गया है ताकि सही जरूरतमंदों तक मदद पहुंचे।

सरकार ने साफ कहा है कि ई-केवाईसी हर पांच साल में जरूरी है। बिना इसके कार्ड काम नहीं करेगा। जनवरी से चली इस प्रक्रिया में करीब 20 लाख नाम हटाए गए। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कम होने से बुजुर्ग और मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। इसका मकसद फर्जी कार्डों पर रोक लगाना है। अब असली गरीबों को दो रुपये किलो गेहूं और तीन रुपये किलो चावल आसानी से मिल सकेगा।
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सूची में नाम कैसे देखें
नाम जांचना बहुत आसान है। सरकारी वेबसाइट पर जाएं और होमपेज से पात्रता सूची का विकल्प चुनें। अपना जिला, तहसील या गांव चुनें। फिर नाम या राशन कार्ड नंबर डालकर सर्च करें। स्क्रीन पर परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी आ जाएगी। अगर मोबाइल से करना हो तो संबंधित ऐप डाउनलोड कर लें। कुछ जगहों पर एसएमएस से भी पता चल जाता है। रोज चेक करते रहें क्योंकि अपडेट होते रहते हैं।
नाम क्यों कट गए
ई-केवाईसी में आधार से सत्यापन जरूरी होता है। इसमें फिंगरप्रिंट, आईरिस या ओटीपी इस्तेमाल होता है। कोविड के बाद कई लोगों ने इसे नजरअंदाज कर दिया। सरकार ने नोटिस भेजे लेकिन ज्यादातर ने अनदेखा किया। फरवरी तक कार्ड बंद हो गए। इससे कालाबाजारी रुकेगी और सब्सिडी का सही इस्तेमाल होगा। लेकिन ग्रामीणों को अब दौड़-धूप करनी पड़ रही है।
नाम कटने पर तुरंत करें ये कदम
- सबसे पहले नजदीकी राशन दुकान पर पहुंचें।
- आधार कार्ड लेकर ई-केवाईसी करवाएं। दुकानदार ही सक्रिय कर देगा।
- अगर नहीं हो पाए तो जिला खाद्य कार्यालय जाएं या हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें।
- नया कार्ड चाहिए तो तहसील या ई-मित्र केंद्र में आवेदन दें।
- दस्तावेज जैसे आधार, वोटर आईडी, बैंक पासबुक और आय प्रमाण साथ ले जाएं।
- ऑनलाइन आवेदन भरें, 15 से 30 दिन में कार्ड मिल जाएगा।
क्या होगा असर?
यह फैसला पूरे 80 जिलों में लागू है। पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे गरीब इलाकों में दिक्कत ज्यादा है। सरकार ने अगले बजट में सब्सिडी बढ़ाने का वादा किया है। लेकिन कई परिवारों को पहले ही सूचना नहीं मिली। अब पंचायत स्तर पर कैंप लगाए जा रहे हैं। एसएमएस अलर्ट भी भेजे जाएंगे। विपक्ष कहता है कि जल्दबाजी से सच्चे लाभार्थी पीछे रह गए।
आगे की राह
लोगों को सलाह है कि देर न करें। तुरंत सूची चेक करें और ई-केवाईसी अपडेट रखें। सस्ता राशन केवल सक्रिय कार्ड वालों को मिलेगा। पारदर्शिता अच्छी है लेकिन जागरूकता अभियान और मजबूत होने चाहिए। इससे कोई भूखा न रहे और मदद सही जगह पहुंचे। गरीबी मिटाने के इस प्रयास में सभी को सहयोग करना होगा।
















