
उत्तर प्रदेश में होली के त्योहार पर योगी आदित्यनाथ सरकार किसानों को कृषि यंत्रों पर भारी सब्सिडी का अनोखा तोहफा दे रही है। राज्य कृषि विभाग द्वारा संचालित सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM) योजना के तहत 80% तक अनुदान पर ट्रैक्टर, रोटावेटर, थ्रेशर, पावर टिलर, स्प्रेयर, सीड ड्रिल समेत 91 प्रकार के कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बुकिंग विंडो 25 फरवरी से शुरू हो चुकी है और चार मार्च 2026 तक चलेगी। किसान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.agridarshan.up.gov.in पर जाकर आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
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सब्सिडी का लाभ और योजना विवरण
यह पहल न केवल किसानों की उत्पादकता बढ़ाएगी, बल्कि खेती की लागत को 40-50% तक कम कर देगी। छोटे एवं सीमांत किसानों, एससी/एसटी वर्ग, महिला किसानों को अधिकतम 80% सब्सिडी का लाभ मिलेगा, जबकि सामान्य वर्ग को 40-50% तक। योजना में फार्म मशीनरी बैंक, कृषि ड्रोन, फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र, त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के तहत बैच ड्रायर एवं मेज सेलर जैसे उपकरण शामिल हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि लाभार्थी चयन टोकन कन्फर्मेशन के बाद 10 दिनों के भीतर यंत्र खरीदकर रसीद व फोटो upyantratraking.in या मुख्य पोर्टल पर अपलोड करें। डीबीटी के माध्यम से सब्सिडी सीधे बैंक खाते में आएगी।
ऑनलाइन बुकिंग की सरल प्रक्रिया
किसानों के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाई गई है। वेबसाइट पर ‘किसान कॉर्नर’ सेक्शन में ‘यंत्र बुकिंग प्रारंभ’ लिंक पर क्लिक करें। यहां आधार, बैंक डिटेल्स, जमीन के दस्तावेज और फोटो अपलोड करने होंगे। न्यूनतम टोकन मनी (लगभग 2500 रुपये) जमा कर बुकिंग कन्फर्म करें। ट्रैकिंग आईडी से स्टेटस चेक करें। यदि ऑनलाइन दिक्कत हो, तो नजदीकी कृषि कार्यालय या कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) से सहायता लें। योजना में कस्टम हायरिंग सेंटर भी शामिल हैं, जिससे छोटे किसान किराए पर मशीनें लेकर लाभ उठा सकें।
पात्रता और सावधानियां
विभाग के अनुसार, पोर्टल पर यंत्रों की पूरी लिस्ट, अनुदान राशि और डीलर जानकारी उपलब्ध है। पात्रता में सक्रिय किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) धारक, पीएम-किसान लाभार्थी और राज्य सूचीबद्ध किसान प्राथमिकता में हैं। गलत दस्तावेज या देरी पर आवेदन रद्द हो सकता है, इसलिए समय रहते तैयारी करें।
पिछले आंकड़ों से सफलता की गारंटी
योगी सरकार की यह पहल निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। 2017-18 से 2025 तक उत्तर प्रदेश में लगभग तीन लाख कृषि यंत्र वितरित हो चुके हैं। इनमें 2.31 लाख एकल यंत्र, 8405 कस्टम हायरिंग सेंटर, 7351 फार्म मशीनरी बैंक प्रमुख हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनवरी तक 7777 यंत्र, 51 कस्टम हायरिंग सेंटर और 64 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित हो चुके हैं, जिनके बिल पोर्टल पर अपलोड हैं। इससे किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को बल मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि यंत्रीकरण से श्रम लागत घटी, फसल चक्र तेज हुआ और पराली जलाने की समस्या कम हुई।
किसान संगठनों का स्वागत
प्रदेश के किसान संगठनों ने पहल का स्वागत किया है। भाकियू नेता सुनील पांडे ने कहा, “होली पर यह तोहफा किसानों के लिए समृद्धि का रंग भरेगा। लेकिन ग्रामीण इंटरनेट सुविधा मजबूत होनी चाहिए।” वहीं, कृषि वैज्ञानिक डॉ. राकेश सिंह ने बताया, “ड्रोन और बैच ड्रायर जैसे यंत्र आधुनिक खेती का आधार हैं। इससे गेहूं-धान उत्पादन 20% बढ़ सकता है।”
समय सीमित, अवसर अनमोल
चार मार्च रात 12 बजे तक बुकिंग बंद हो जाएगी, इसलिए जागरूकता अभियान तेज है। जिला कृषि अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर प्रशिक्षण दे रहे हैं। व्हाट्सएप ग्रुप्स, एफएम रेडियो और सोशल मीडिया पर जानकारी प्रसारित हो रही है। यदि बुकिंग मिस हो जाए, तो कस्टम हायरिंग सेंटर विकल्प अपनाएं।
नया उत्तर प्रदेश का संकल्प
योगी सरकार का यह कदम ‘डबल इंजन’ की ताकत दिखाता है, जहां केंद्र की SMAM योजना को राज्य स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। किसान भाइयों, होली से पहले इस ‘समृद्धि रंग’ का लाभ उठाएं। अधिक जानकारी के लिए www.agridarshan.up.gov.in देखें या हेल्पलाइन 0522-2305555 पर संपर्क करें। खेती हो आसान, किसान हो खुशहाल – यही है नया उत्तर प्रदेश!
















