
मौसम के सामान्य होने के बाद छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्कूलों के संचालन समय में बड़ा बदलाव किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने आधिकारिक आदेश जारी कर ठंड और शीतलहर के दौरान बदली गई टाइमिंग को पूर्ववत बहाल करने का निर्देश दिया है। यह निर्णय कलेक्टर संजय अग्रवाल की स्वीकृति के बाद लिया गया है, जिससे छात्रों की पढ़ाई नियमित रूप से प्रभावित न हो।
शिक्षा विभाग के इस कदम से अभिभावकों और छात्रों में राहत की लहर है, लेकिन कल सुबह स्कूल जाने से पहले सभी को नई समय-सारणी चेक कर लेनी चाहिए। जिला शिक्षा अधिकारी एसबी टांडे ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश जिले के सभी शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त और सीबीएसई पाठ्यक्रम वाले स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा। एक पाली वाले स्कूल सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित होंगे, जबकि शनिवार को समय सुबह 7:30 से 11:30 बजे तक रहेगा।
Table of Contents
दो पालियों वाले स्कूलों के लिए नई व्यवस्था
दो पालियों में चलने वाले विद्यालयों के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पहली पाली सुबह 7:30 बजे से दोपहर 11:30 बजे तक चलेगी, वहीं दूसरी पाली दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित की गई है। शनिवार को दोनों पालियों की कक्षाएं सुबह 7:30 से 11:30 बजे तक ही होंगी। इस व्यवस्था से स्कूलों में पढ़ाई के घंटे सुनिश्चित होंगे और छात्रों को पर्याप्त समय मिलेगा।
यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जनवरी-फरवरी में कड़ाके की ठंड और कोहरे के कारण स्कूलों की शुरुआत सुबह 8:30 बजे से की जा रही थी। अब मौसम सुधरने पर पुरानी टाइमिंग बहाल हो गई है, जो शिक्षा की निरंतरता के लिए जरूरी है। जिला प्रशासन का मानना है कि इससे छात्रों की उपस्थिति बढ़ेगी और सिलेबस पूरा करने में आसानी होगी।
देशभर में स्कूल टाइमिंग परिवर्तन का ट्रेंड
बिलासपुर का यह फैसला देश के अन्य राज्यों में हो रहे बदलावों का हिस्सा है। बिहार में दिसंबर 2025 से सरकारी स्कूलों के लिए नई मॉडल समय-सारणी लागू हुई है, जिसमें सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक कक्षाएं चलती हैं। प्रार्थना सभा, मिड-डे मील और पीरियड्स का सख्त शेड्यूल तय किया गया है। यूपी और अन्य राज्यों में भी ठंड के कारण टाइमिंग बदली गई थी, लेकिन अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।
इन बदलावों का मुख्य कारण मौसम है। सर्दियों में सुबह की कक्षाएं टालना बच्चों की सेहत के लिए जरूरी होता है, जबकि गर्मी में दोपहर पूर्व छुट्टी दी जाती है। शिक्षा विभाग का लक्ष्य पढ़ाई के मानकों को ऊंचा रखना है, ताकि NEP 2020 के तहत क्वालिटी एजुकेशन सुनिश्चित हो। बिलासपुर जैसे जिलों में यह स्थानीय स्तर पर प्रभावी साबित हो रहा है।
अभिभावकों और शिक्षकों की प्रतिक्रिया
स्थानीय अभिभावकों ने इस बदलाव का स्वागत किया है। एक अभिभावक ने बताया, “ठंड में देरी से स्कूल जाना ठीक था, लेकिन अब नियमित समय से बच्चों की दिनचर्या सुधरेगी।” शिक्षक संघ का कहना है कि शनिवार की आधी छुट्टी से वीकेंड प्लानिंग आसान हो जाएगी। हालांकि, कुछ प्राइवेट स्कूल प्रबंधनों ने स्पष्टिकरण की मांग की है, ताकि कोई कन्फ्यूजन न रहे।
क्या करें अभिभावक? चेकलिस्ट
- आधिकारिक स्रोत जांचें: जिला शिक्षा विभाग की वेबसाइट या नोटिस बोर्ड पर आदेश डाउनलोड करें।
- स्कूल से संपर्क: WhatsApp ग्रुप या फोन से पुष्टि करें।
- ट्रांसपोर्ट व्यवस्था: नई टाइमिंग के हिसाब से बस/रिक्शा का समय एडजस्ट करें।
- छात्रों को बताएं: कल सुबह देरी न हो, इसके लिए शाम को ही तैयार रहें।
आगे की चुनौतियां और सुझाव
मौसम परिवर्तनशील है, इसलिए विभाग को अलर्ट रहना होगा। गर्मी बढ़ने पर फिर बदलाव संभव है। साथ ही, डिजिटल नोटिफिकेशन सिस्टम मजबूत करने से ग्रामीण क्षेत्रों तक जानकारी तुरंत पहुंचेगी। RTE एडमिशन 2026 की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है (16 फरवरी से 31 मार्च तक), जो नए सेशन के लिए महत्वपूर्ण है।
















