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Mossad की दहशत और ‘आयरन डोम’ का कवच! जानिए कैसे मुट्ठी भर लोगों वाला इज़राइल बना दुनिया की सबसे घातक सुपरपॉवर

मोसाद की खौफनाक जासूसी और आयरन डोम का अटल कवच! छोटे से देश ने बड़े-बड़े हमलों को कैसे चूर किया, दुश्मनों की नींद हराम कर दी। जानिए वो राज़ जो बनाते हैं इज़राइल को सुपरपावर।

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मध्य पूर्व का एक छोटा सा देश, जहां मुश्किल से एक करोड़ लोग रहते हैं, वह आज दुनिया भर में सबसे घातक शक्ति के रूप में जाना जाता है। इजरायल ने अपनी सीमित आबादी और संसाधनों के बावजूद बेजोड़ खुफिया तंत्र और हाई-टेक रक्षा प्रणालियों से दुश्मनों को कांपने पर मजबूर कर दिया है। मोसाद की गुप्त कार्रवाइयों का खौफ और आयरन डोम का मजबूत ढाल इसे सुपरपावर की पहचान देता है।

Mossad की दहशत और 'आयरन डोम' का कवच! जानिए कैसे मुट्ठी भर लोगों वाला इज़राइल बना दुनिया की सबसे घातक सुपरपॉवर

मोसाद, छाया का सबसे खतरनाक योद्धा

मोसाद इजरायल का खुफिया हथियार है, जो दुश्मनों के दिल में डर पैदा करता है। यह एजेंसी गुप्त ऑपरेशनों में माहिर है, जहां हत्याएं, जासूसी और दुश्मन नेटवर्क को तबाह करना रोज का काम है। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को झटका देने से लेकर हमास के नेताओं को नेस्तनाबूद करने तक, इसके हर कदम में सटीकता झलकती है।

इसकी ताकत गुप्त एजेंटों के जाल, आधुनिक तकनीक और वैश्विक पहुंच में छिपी है। सालों तक छिपे रहने के बाद ही इसके ऑपरेशन दुनिया के सामने आते हैं। दुश्मन हमेशा सतर्क रहते हैं, क्योंकि मोसाद कहीं भी, कभी भी हमला बोल सकता है। यह न सिर्फ बचाव करता है, बल्कि हमले की क्षमता भी प्रदान करता है।

आयरन डोम, आसमान का लोहे का पहरा

इजरायल का आयरन डोम एक ऐसा सिस्टम है जो दुश्मन के रॉकेट्स को हवा में ही उड़ा देता है। छोटी दूरी की मिसाइलों और रॉकेट्स पर नजर रखते हुए यह तुरंत प्रतिक्रिया देता है। इसकी प्रक्रिया तीन चरणों में काम करती है:

  • सबसे पहले रडार खतरे को भांपता है और उसकी दिशा तय करता है।
  • फिर कंट्रोल सेंटर विश्लेषण करके फैसला लेता है कि कौन सा हमला रोका जाए।
  • आखिर में तामीर मिसाइलें उड़ान भरती हैं और निशाने को चकनाचूर कर देती हैं।

यह सिस्टम 90 प्रतिशत से ज्यादा बार सफल होता है। हमास या हिजबुल्लाह जैसे समूहों के सस्ते हमलों को बेअसर बनाकर लाखों जिंदगियां बचा चुका है। ईरान जैसे बड़े हमलों में भी इसने साबित किया कि कोई आसानी से घुसपैठ नहीं कर सकता।

बहुस्तरीय ढाल, हर खतरे का जवाब

इजरायल की सुरक्षा सिर्फ आयरन डोम तक सीमित नहीं। यह तीन लेयर्स में काम करती है। छोटे रॉकेट्स के लिए आयरन डोम, मध्यम दूरी के लिए डेविड्स स्लिंग और लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए एरो सिस्टम। ये सभी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रडार से जुड़े हैं।

प्रक्रिया सरल लेकिन घातक है:

  • खतरा आने पर सिस्टम तुरंत अलर्ट होता है।
  • डेटा का मिलान करके सही हथियार चुना जाता है।
  • इंटरसेप्टर मिसाइलें उड़ान भरकर हमले को विफल कर देती हैं।

यह संयोजन इजरायल को अभेद्य बनाता है। पड़ोसी देशों के बावजूद कोई साहस नहीं जुटा पाता।

सुपरपावर की असली कुंजी

इजरायल छोटा है, लेकिन इसका सैन्य खर्च जीडीपी का बड़ा हिस्सा लेता है। अनिवार्य सैन्य सेवा से हर नागरिक योद्धा बनता है। अमेरिकी मदद और खुद के अनुसंधान से नई तकनीकें विकसित होती रहती हैं। मोसाद की आक्रामकता और आयरन डोम की रक्षा का मेल इसे सबसे खतरनाक बनाता है।

नतीजा यह है कि इजरायल न सिर्फ बच रहा है, बल्कि दुश्मनों को चुनौती दे रहा है। भविष्य में तनाव बढ़े तो भी यह देश अडिग रहेगा। संख्या से ज्यादा रणनीति और तकनीक जीत दिलाती है इजरायल इसका जीता-जागता सबूत है।

Author
info@gurukulbharti.in

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