आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में कदम रखना अब हर भारतीय के लिए आसान हो गया है। केंद्र सरकार ने युवाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से कई मुफ्त AI कोर्स शुरू किए हैं। इन कोर्स को पूरा करने पर सरकारी सर्टिफिकेट मिलता है, जो नौकरी और करियर में बड़ा सहारा साबित हो सकता है। यह पहल डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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युवा AI फॉर ऑल, मुख्य आकर्षण
सरकार का प्रमुख कोर्स युवा AI फॉर ऑल है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय द्वारा संचालित है। यह सिर्फ चार से साढ़े चार घंटे का सेल्फ-पेस्ड कार्यक्रम है। कोई भी व्यक्ति बिना किसी फीस के इसमें हिस्सा ले सकता है। कोर्स बेसिक AI अवधारणाओं जैसे मशीन लर्निंग, डेटा प्रोसेसिंग और नैतिक पहलुओं पर केंद्रित है। इसे डिजाइन करने में विशेष ध्यान दिया गया है ताकि तकनीकी पृष्ठभूमि न होने पर भी समझना आसान हो। छात्र, नौकरीपेशा, किसान या गृहिणी सभी के लिए उपयुक्त।
यह कोर्स कई प्रमुख लर्निंग प्लेटफॉर्म जैसे फ्यूचरस्किल्स प्राइम, आईगॉट कर्मयोगी और डिक्शा पर उपलब्ध है। सरकारी लक्ष्य एक करोड़ से अधिक लोगों को AI से जोड़ना है। लॉन्च के बाद से लाखों ने पंजीकरण कराया है। हिंदी सहित ग्यारह भारतीय भाषाओं में सामग्री उपलब्ध होने से ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच आसान है। कोर्स छोटे छोटे छह मॉड्यूल में बंटा है, जिसमें प्रैक्टिकल उदाहरण और वास्तविक जीवन के केस शामिल हैं।
अन्य AI कोर्स, विविध विकल्प
शिक्षा मंत्रालय ने स्वयं पोर्टल पर पांच से छह विशेष AI कोर्स लॉन्च किए हैं। इनमें क्रिकेट एनालिटिक्स विद एआई, एआई इन फिजिक्स, एआई फॉर एजुकेटर्स, एआई इन केमिस्ट्री, एआई इन अकाउंटिंग और पायथन आधारित एआई/एमएल प्रमुख हैं। क्रिकेट वाला कोर्स 25 घंटे का है, जो खेल डेटा विश्लेषण सिखाता है। फिजिक्स कोर्स 45 घंटे का है, जिसमें न्यूरल नेटवर्क्स से जटिल समस्याओं का समाधान बताया जाता है। ये सभी कोर्स हैंड्स ऑन लर्निंग पर जोर देते हैं। छात्र, शिक्षक और डेटा प्रोफेशनल्स के लिए आदर्श।
स्किल इंडिया मिशन के तहत भी AI मॉड्यूल चल रहे हैं, जो उद्योग की जरूरतों के अनुरूप जॉब रेडी बनाते हैं। ये कोर्स जीरो फीस पर हैं और सफल समापन पर प्रमाणपत्र प्रदान करते हैं। कुल मिलाकर सरकार का प्रयास है कि हर क्षेत्र में AI का इस्तेमाल बढ़े। स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और व्यापार में AI कैसे बदलाव ला रहा है, यह सीखने का मौका मिलता है।
नौकरी और भविष्य के लाभ
AI की मांग तेजी से बढ़ रही है। आने वाले वर्षों में लाखों नई नौकरियां सृजित होंगी। इन सर्टिफिकेट्स से रिज्यूमे मजबूत होता है। आईटी कंपनियां, स्टार्टअप्स और फ्रीलांस प्लेटफॉर्म पर प्राथमिकता मिलती है। कई कोर्स प्रोफेशनल टूल्स का एक्सेस भी देते हैं। युवा अब घर बैठे स्किल्ड होकर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि यह इंडस्ट्री 4.0 की तैयारी है।
आसान पंजीकरण प्रक्रिया
पंजीकरण बेहद सरल है। फ्यूचरस्किल्स प्राइम वेबसाइट पर जाकर कोर्स चुनें और रजिस्टर करें। स्वयं पोर्टल के लिए लॉगिन बनाएं, कोर्स सर्च करें और एनरोल हो जाएं। मोबाइल या कंप्यूटर से कभी भी पढ़ाई शुरू कर सकते हैं। सीटें सीमित हैं, इसलिए जल्दी आवेदन करें।
यह सरकारी पहल भारत को AI हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर है। युवा शक्ति का उपयोग कर देश नई ऊंचाइयों को छू सकता है। अवसर हाथों में है, इसे हाथ से न जाने दें।
















