
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने दसवें बजट में महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा पेश 9.13 लाख करोड़ रुपये के इस मेगा बजट में महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की घोषणा प्रमुखता से की गई है। यह सुविधा विशेष रूप से 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए होगी, जिसके लिए सरकार ने फिलहाल एक लाख रुपये की टोकन राशि आवंटित की है। यह टोकन व्यवस्था योजना के औपचारिक कार्यान्वयन की शुरुआत का संकेत देती है, जिससे बुजुर्ग महिलाओं को यात्रा में होने वाले खर्च से स्थायी राहत मिलेगी।
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बजट की प्रमुख थीम ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’
बुधवार को विधानसभा में पेश इस बजट को ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ की थीम पर तैयार किया गया है, जिसमें ‘आधी आबादी’ को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। अभी तक उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) रक्षाबंधन जैसे विशेष अवसरों पर सभी महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देता रहा है। लेकिन अब 60+ महिलाओं के लिए यह लाभ वर्ष भर उपलब्ध होगा।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बुजुर्ग महिलाओं को इससे विशेष लाभ होगा, जो अक्सर चिकित्सा, रिश्तेदारों के दर्शन या धार्मिक यात्राओं के लिए बसों पर निर्भर रहती हैं। ग्रामीण इलाकों में जहां निजी वाहनों की सुविधा कम है, वहां यह योजना क्रांतिकारी साबित होगी।
आर्थिक सशक्तिकरण के लिए नई योजनाएं
बजट में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गईं। महिला एवं बाल विकास विभाग का बजट 11 प्रतिशत बढ़ाकर 18,620 करोड़ रुपये कर दिया गया है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए ‘उप्र महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड’ योजना शुरू होगी, जिसके लिए 151.04 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।
इससे उद्यमी महिलाओं को सस्ते ऋण उपलब्ध होंगे, जो उन्हें ‘लखपति दीदी’ अभियान से जोड़ेंगे। इसके अलावा, महिलाओं के उत्पादों की बिक्री के लिए ‘महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना’ आरंभ की जा रही है। इसके तहत स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिलाओं के हस्तनिर्मित सामान बेचने के लिए विशेष मार्ट खोले जाएंगे, जिस पर 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास और सुरक्षा
कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा पर भी खास ध्यान दिया गया। अयोध्या, बरेली, अलीगढ़, मिर्जापुर, सहारनपुर और मुरादाबाद जैसे छह शहरों में 500-500 बेड वाले श्रमजीवी महिला छात्रावास बनाए जाएंगे। इनके लिए 80 करोड़ रुपये आवंटित हैं। मिशन शक्ति के तहत महिला बीट पुलिसकर्मियों के लिए 25 करोड़ रुपये से वाहन खरीदे जाएंगे, जबकि सेफ सिटी प्रोजेक्ट में सीसीटीवी और एंटी-रोमियो स्क्वॉड को मजबूत किया जाएगा। उच्च शिक्षा वाली बेटियों के आवागमन के लिए स्कूटी वितरण और निराश्रित महिलाओं के लिए पेंशन विस्तार जैसी योजनाएं भी शामिल हैं।
विशेषज्ञों की राय और भविष्य की उम्मीदें
विश्लेषकों का मानना है कि यह बजट महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की मजबूत रणनीति का हिस्सा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई बार कहा है कि महिलाओं का उत्थान ही प्रदेश का उत्थान है। रोडवेज मुफ्त यात्रा योजना से न केवल बुजुर्ग महिलाओं को राहत मिलेगी, बल्कि यह अन्य राज्यों जैसे दिल्ली (सहेली स्मार्ट कार्ड) और राजस्थान (महिला दिवस पर फ्री यात्रा) की योजनाओं से प्रेरित लगती है। हालांकि, पूर्ण कार्यान्वयन के लिए नियमों और पात्रता मानदंडों की स्पष्टता जरूरी होगी।
कुल मिलाकर, योगी सरकार का यह बजट सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण का प्रतीक बन गया है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने से लेकर शहरी महिलाओं की सुरक्षा तक, हर स्तर पर सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है। महिलाओं के संगठनों ने इसे स्वागतयोग्य बताया है, लेकिन कार्यान्वयन की गति पर नजर रखी जाएगी।
















