एन्थ्रोपिक का लेटेस्ट AI टूल क्लाउड कोवर्क टेक इंडस्ट्री में तहलका मचा रहा है। जनवरी 2026 में लॉन्च हुए इस एजेंट ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की नौकरियों पर खतरे की घंटी बजा दी है। खासकर भारत की आईटी कंपनियों के शेयरों में 8 प्रतिशत तक की गिरावट ने निवेशकों में डर फैला दिया है। क्या यह टूल लाखों जॉब्स खा जाएगा?

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क्लाउड कोवर्क क्या है?
क्लाउड कोवर्क Claude AI का एडवांस्ड वर्जन है, जो आपके डेस्कटॉप पर एक स्मार्ट असिस्टेंट की तरह काम करता है। यह फाइल्स पढ़ता, एडिट करता, ऑर्गनाइज करता और जटिल टास्क्स को स्टेप-बाय-स्टेप प्लान करके पूरा करता है। उदाहरण के तौर पर, प्रोजेक्ट फोल्डर साफ करना, डॉक्यूमेंट्स से रिपोर्ट बनाना या ब्राउजर में काम करना सब कुछ बिना कोडिंग के।
यह खासतौर पर नॉन-टेक्निकल यूजर्स जैसे मार्केटिंग प्रोफेशनल्स या एडमिन के लिए डिजाइन किया गया है। नए प्लगइन्स से लीगल कॉन्ट्रैक्ट रिव्यू, फाइनेंशियल एनालिसिस और मार्केटिंग वर्कफ्लो ऑटोमेट हो जाते हैं। कंपनियां जैसे उबर और नेटफ्लिक्स इसे अपना रही हैं, जहां प्रोडक्टिविटी 20-30 प्रतिशत तक बढ़ रही है।
आईटी सेक्टर पर बवाल
लॉन्च के महज कुछ दिनों बाद ग्लोबल सॉफ्टवेयर स्टॉक्स में 285 बिलियन डॉलर की बिकवाली हुई। भारत में टीसीएस, इंफोसिस और एचसीएल जैसे दिग्गजों के शेयर 5-8 प्रतिशत लुढ़क गए। निफ्टी आईटी इंडेक्स ने मार्च 2020 के बाद का सबसे बुरा दिन देखा, जिसमें 2 लाख करोड़ रुपये का मार्केट कैप धूल चाट गया।
निवेशकों का डर साफ है एआई एजेंट्स महंगे एसएएएस टूल्स और जूनियर डेवलपर्स को रिप्लेस कर देंगे। रेडिट जैसे प्लेटफॉर्म्स पर इंजीनियर्स चिंता जता रहे हैं कि रूटीन कोडिंग जॉब्स खत्म हो जाएंगी। एक सीनियर डेवलपर ने कहा, “अब कोड लिखने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।”
खतरा या नया अवसर?
हालांकि क्लाउड कोवर्क अभी सीमित है। यह महंगा (200 डॉलर प्रति माह), सिर्फ मैक पर उपलब्ध और प्राइवेसी रिस्क्स जैसे फाइल डिलीट या सिक्योरिटी होल्स से भरा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि एआई रूटीन टास्क्स ले लेगा, लेकिन सिस्टम डिजाइन, क्रिएटिव प्रॉब्लम-सॉल्विंग और आर्किटेक्चर जैसे काम इंसानों के पास रहेंगे।
2026 के ट्रेंड्स बताते हैं कि इंजीनियर्स अब एआई को कोऑर्डिनेट करने वाले बनेंगे। भारतीय आईटी जायंट्स को अपस्किलिंग पर जोर देना होगा। क्लाउड कोवर्क गेम-चेंजर तो है, लेकिन सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स के लिए संकट नहीं नई स्किल्स सीखने का सुनहरा मौका। टेक वर्कर्स को सतर्क रहते हुए एआई को पार्टनर बनाना चाहिए। सही दिशा में इस्तेमाल से प्रोडक्टिविटी बूम आएगा।
















