
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 2026 की कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए पात्रता नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है। न्यूनतम 75% उपस्थिति, आंतरिक मूल्यांकन में भागीदारी और APAAR ID अनिवार्य होने से लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लटक गया है। जिन छात्र इन शर्तों को पूरा नहीं करेंगे, उन्हें एडमिट कार्ड नहीं मिलेगा और वे परीक्षा से वंचित रहेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप ये बदलाव 17 फरवरी 2026 से शुरू होने वाली परीक्षाओं पर लागू होंगे।
यह फैसला स्कूलों में अनुशासन और नियमितता बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड के बाद उपस्थिति में कमी आई थी, जिसे अब सख्ती से रोका जाएगा। आइए विस्तार से जानें इन नए नियमों को।
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पात्रता की 5 मुख्य शर्तें
1. 75% न्यूनतम उपस्थिति अनिवार्य
कक्षा 10 और 12 के छात्रों को कम से कम 75% कक्षाओं में हाजिर होना जरूरी। मेडिकल या अन्य वैध कारणों से छूट मिल सकती है, लेकिन सामान्य अनुपस्थिति पर एडमिट कार्ड कैंसल। 2025 में 60-70% वाले छात्र सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।
2. आंतरिक मूल्यांकन में भागीदारी
क्लासवर्क, प्रोजेक्ट्स, प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट में फेल या अनुपस्थित छात्र ‘Essential Repeat’ कैटेगरी में आ जाएंगे। उनका बोर्ड रिजल्ट घोषित नहीं होगा। NEP के तहत यह 40% वेटेज रखता है।
3. दो साल का निरंतर अध्ययन
9वीं-10वीं और 11वीं-12वीं को एक यूनिट माना जाएगा। बीच में ड्रॉपआउट या गैप ईयर वाले छात्र पात्र नहीं। निरंतर रजिस्ट्रेशन जरूरी।
4. APAAR ID और Pariksha Sangam पोर्टल
‘वन नेशन वन स्टूडेंट आईडी’ के तहत APAAR ID जेनरेट कर Pariksha Sangam पर रजिस्टर करना होगा। बिना इसके फॉर्म सबमिट ही नहीं होगा। DigiLocker से लिंकिंग अनिवार्य।
5. उत्तर पुस्तिका के sectional नियम
साइंस और सोशल साइंस में सेक्शनल उत्तर पुस्तिकाएं। गलत सेक्शन में जवाब लिखने पर जीरो मार्क्स। बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन भी सख्त।
दो परीक्षाओं का नया मौका
2026 से कक्षा 10 में दो बोर्ड परीक्षाएं: फरवरी (मुख्य) और मई (सुधार)। लेकिन दूसरी परीक्षा सिर्फ 3 विषयों तक सीमित। 4 या अधिक में फेल/अनुपस्थित छात्र अयोग्य। कक्षा 12 में एक ही परीक्षा। प्रश्नपत्र में 50% competency-based और 20% MCQ। स्कूलों को डिजिटल ट्रै킹 सिस्टम अपनाना पड़ेगा। अभिभावक संगठनों ने आपत्ति जताई है, लेकिन सीबीएसई का कहना है कि यह गुणवत्ता सुधारने के लिए जरूरी। छात्र अभी से उपस्थिति चेक करें और APAAR ID बनवाएं। हेल्पलाइन: cbse.gov.in पर अपडेट।
















