
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘अग्निपथ योजना’ के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों का पहला बैच साल 2026 के अंत तक अपनी 4 साल की सेवा पूरी कर सेना से बाहर आने वाला है, जैसे-जैसे पहले बैच की विदाई का समय नजदीक आ रहा है, युवाओं और उनके परिवारों के बीच पेंशन और भविष्य के रोजगार को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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क्या रिटायरमेंट के बाद मिलेगी पेंशन?
योजना के मौजूदा नियमों के मुताबिक, सेना से बाहर होने वाले 75% अग्निवीरों को पारंपरिक मासिक पेंशन या ग्रेच्युटी का लाभ नहीं मिलेगा पेंशन की सुविधा केवल उन 25% अग्निवीरों को मिलेगी, जिन्हें प्रदर्शन के आधार पर नियमित कैडर (Regular Cadre) में शामिल किया जाएगा।
‘सेवा निधि पैकेज’ में मिलेंगे ₹11.71 लाख
पेंशन के स्थान पर, सरकार सभी अग्निवीरों को सेवा पूरी करने पर ‘सेवा निधि पैकेज’ (Seva Nidhi Package) प्रदान करेगी। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- एकमुश्त राशि: 4 साल की सेवा के बाद प्रत्येक अग्निवीर को लगभग ₹11.71 लाख (ब्याज सहित) मिलेंगे।
- टैक्स फ्री: यह पूरी राशि आयकर (Income Tax) से मुक्त होगी, यानी इस पर कोई टैक्स नहीं देना होगा।
- योगदान: अग्निवीर की मासिक सैलरी से 30% हिस्सा कटता है और उतनी ही राशि सरकार अपनी ओर से जमा करती है।
भविष्य के लिए नई राहें: आरक्षण और प्रमाणपत्र
75% अग्निवीरों के लिए सरकार ने कई राज्यों और विभागों में नई नौकरियों के दरवाजे खोले हैं:
- उत्तर प्रदेश सरकार ने अग्निवीरों के लिए पुलिस भर्ती में 20% आरक्षण और 3 साल की आयु छूट की घोषणा की है। इसी तरह हरियाणा, ओडिशा और उत्तराखंड (10% कोटा) ने भी विशेष प्रावधान किए हैं।
- गृह मंत्रालय ने CISF और BSF जैसे बलों में अग्निवीरों के लिए आरक्षण को 10% से बढ़ाकर 50% (ग्रुप C पदों के लिए) करने का प्रस्ताव रखा है।
- सेवा के बाद उन्हें एक ‘अग्निवीर स्किल सर्टिफिकेट’ दिया जाएगा, जो प्राइवेट सेक्टर और अन्य नौकरियों में उनकी विशेषज्ञता का प्रमाण होगा।
- 10वीं पास युवाओं को सेवा के दौरान पढ़ाई जारी रखने पर 12वीं कक्षा का प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाएगा。
सरकार वर्तमान में अग्निवीरों की स्थायी नियुक्ति की सीमा को 25% से बढ़ाकर 50% करने और छुट्टियों की संख्या बढ़ाने जैसे बड़े बदलावों पर भी विचार कर रही है।
















