
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने आगामी मैट्रिक और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर अब तक का सबसे सख्त फरमान जारी कर दिया है, बोर्ड ने साफ कर दिया है कि परीक्षा केंद्रों पर अनुशासनहीनता और कदाचार (Cheating) को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, नए नियमों के मुताबिक, अगर कोई छात्र वर्जित वेशभूषा या अनुचित साधनों का उपयोग करते पाया गया, तो उसका करियर दांव पर लग सकता है।
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जूता-मोजा पहनकर आए तो नो एंट्री
बिहार बोर्ड ने एक बार फिर अपने पुराने और कड़े नियम को बहाल कर दिया है, परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा केंद्र पर जूता-मोजा पहनकर आना पूरी तरह वर्जित है, एडमिट कार्ड में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि छात्रों को केवल चप्पल पहनकर ही केंद्र में प्रवेश मिलेगा, पिछले वर्ष ठंड के कारण दी गई रियायत को इस बार हटा लिया गया है, प्रशासन का मानना है कि इस कदम से चिटिंग की संभावनाओं को कम किया जा सकेगा।
दीवार फांदने पर सीधा एक्शन: 2 साल का बैन और जेल
बोर्ड ने सुरक्षा और अनुशासन को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। जारी आदेश के अनुसार, यदि कोई परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र की दीवार फांदकर अंदर घुसने की कोशिश करता है या अनाधिकृत तरीके से प्रवेश करता है, तो:
- उसे तत्काल परीक्षा से निष्कासित कर दिया जाएगा।
- छात्र पर 2 साल का कड़ा प्रतिबंध (Ban) लगाया जाएगा, जिससे वह आगे की परीक्षा नहीं दे सकेगा।
- नियम तोड़ने वाले छात्र के खिलाफ संबंधित थाने में प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज की जाएगी।
गेट बंद होने का समय बदला, देरी पड़ेगी भारी
परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्रों पर होने वाली भीड़ और अव्यवस्था को रोकने के लिए एंट्री के नियमों में बदलाव किया गया है, परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय से कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र के अंदर पहुंचना अनिवार्य है, समय सीमा समाप्त होते ही मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा और एक मिनट की देरी होने पर भी प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
केंद्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
कदाचार मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। छात्रों की दो स्तरों पर सघन तलाशी (Frisking) ली जाएगी। साथ ही, केंद्रों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की भारी तैनाती की गई है ताकि किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को रोका जा सके।
















