
देश में बिजली चोरी को रोकने के लिए सरकार ने वर्ष 2026 के लिए नए और बेहद सख्त दिशा-निर्देश लागू कर दिए हैं, विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 के तहत अब अवैध रूप से कटिया डालना या मीटर से छेड़छाड़ करना न केवल महंगा पड़ेगा, बल्कि पकड़े जाने पर सीधे जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।
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बिजली चोरी पर सख्त सजा और जुर्माने का ब्योरा
चोरी की गंभीरता और लोड के आधार पर सजा को निम्नलिखित श्रेणियों में बांटा गया है:
- 10 किलोवाट (kW) से कम का लोड:
- पहली बार: चोरी से प्राप्त वित्तीय लाभ का 3 गुना जुर्माना या 3 साल तक की जेल, या दोनों।
- दूसरी बार: पकड़े जाने पर जुर्माने की राशि बढ़कर वित्तीय लाभ का 6 गुना हो जाएगी।
- 10 किलोवाट (kW) से अधिक का लोड:
- पहली बार: कम से कम 3 गुना जुर्माना।
- दूसरी बार: अनिवार्य रूप से 6 महीने से 5 साल तक की जेल और वित्तीय लाभ का 6 गुना जुर्माना। इसके साथ ही, उपभोक्ता का कनेक्शन 3 महीने से 2 साल तक के लिए काटा जा सकता है।
- मीटर से छेड़छाड़ (Tampering): मीटर के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ करने पर ₹10,000 से ₹1,00,000 तक का जुर्माना और जेल का प्रावधान है।
सरकार की नई पहल: ‘बिजली मित्र’ और भारी इनाम
- मुखबिरों को इनाम: उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में बिजली चोरी की सूचना देने वालों के लिए विशेष योजना शुरू की गई है। सूचना सही पाए जाने और वसूली होने पर मुखबिर को ₹50,000 तक का इनाम दिया जा रहा है।
- स्मार्ट मीटरिंग और AI: सरकार ने RDSS (Revamped Distribution Sector Scheme) के तहत 25 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के चोरी पकड़ने में सक्षम हैं।
- RAID पोर्टल: उत्तर प्रदेश में उपभोक्ताओं के लिए RAID पोर्टल लॉन्च किया गया है, जहाँ पुराने चोरी के मामलों का ऑनलाइन निपटारा और भुगतान किया जा सकता है।
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बिजली विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से केवल वैध कनेक्शन के माध्यम से ही बिजली उपयोग करने की अपील की है, वर्तमान में उत्तर प्रदेश में ‘बिजली बिल राहत योजना 2025-26’ भी चल रही है, जिसके तहत 28 फरवरी 2026 तक पंजीकरण कराकर बकाया बिलों पर ब्याज माफी का लाभ उठाया जा सकता है।
















