
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए PF निकासी (EPF Withdrawal) के नियमों को बेहद आसान और लचीला बना दिया है, ‘EPFO 3.0’ सुधारों के तहत, पुरानी जटिल 13 श्रेणियों को खत्म कर अब केवल 3 सरल श्रेणियों में बांट दिया गया है।
यह भी देखें: Bitcoin Crash Update: बिटकॉइन में आई भारी गिरावट! 2 दिन में हुए करोड़ों रुपये के नुकसान, निवेशक क्यों हैं परेशान?
Table of Contents
अनिवार्य आवश्यकताएं (Essential Needs)
इसमें बीमारी, शादी और बच्चों की शिक्षा जैसे खर्च शामिल हैं।
- अस्पताल में भर्ती होने या गंभीर बीमारी के इलाज के लिए आप 6 महीने की बेसिक सैलरी + DA या कर्मचारी का कुल ब्याज सहित हिस्सा (जो भी कम हो) निकाल सकते हैं। ऑटो-सेटलमेंट (बिना मानवीय हस्तक्षेप के भुगतान) की सीमा अब ₹1 लाख है।
- सदस्य अब अपने कार्यकाल के दौरान 5 बार तक शादी के लिए पैसे निकाल सकते हैं (पहले यह सीमा कुल 3 बार थी)।
- बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए अब 10 बार तक निकासी की अनुमति है।
आवास की आवश्यकताएं (Housing Needs)
घर खरीदने, बनाने या होम लोन चुकाने के लिए यह सुविधा दी गई है।
- नियम: यदि आप 3 साल की सदस्यता पूरी कर चुके हैं, तो घर या प्लॉट खरीदने/बनाने के लिए अपने पीएफ बैलेंस का 90% तक हिस्सा निकाल सकते हैं।
विशेष परिस्थितियां (Special Circumstances)
प्राकृतिक आपदा, महामारी या अचानक नौकरी चले जाने जैसी स्थितियों में आप बिना किसी विशेष कारण बताए पैसा निकाल सकेंगे।
- नौकरी जाने पर: एक महीने की बेरोजगारी के बाद 75% और दो महीने बाद 100% राशि निकाली जा सकती है।
यह भी देखें: MP Board Exam 2026: कक्षा 5वीं और 8वीं की परीक्षा अब बोर्ड पैटर्न पर, 20 फरवरी से होगी परीक्षा
नए नियमों की मुख्य विशेषताएं
- आंशिक निकासी के लिए न्यूनतम सेवा अवधि अब केवल 12 महीने कर दी गई है।
- सदस्य अब अपनी जमा राशि का 100% तक निकाल सकते हैं, लेकिन रिटायरमेंट बचत सुनिश्चित करने के लिए 25% बैलेंस बनाए रखना अनिवार्य हो सकता है।
- भविष्य में पीएफ का पैसा सीधे ATM या UPI के माध्यम से निकालने की सुविधा पर भी काम चल रहा है, जिससे क्लेम सेटलमेंट 3 दिनों के भीतर हो सकेगा।
अधिक विस्तृत जानकारी और ऑनलाइन आवेदन के लिए आप आधिकारिक EPFO पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं या Bajaj Finserv जैसे विश्वसनीय वित्तीय मंचों पर प्रक्रिया देख सकते हैं।
















