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Antyodaya Yojana: गरीबी होगी दूर, कौशल विकास से लेकर घर और लोन तक की सुविधा; जानें कैसे मिलेगा लाभ

दीनदयाल अंत्योदया योजना गरीबों को कौशल विकास, घर, लोन और रोजगार से सशक्त बनाती है। करोड़ों परिवार जुड़े, SHG से महिलाएं आत्मनिर्भर। मुफ्त ट्रेनिंग, सस्ता लोन और आश्रय गृह से जीवन बदल रहा। आवेदन आसान ग्राम पंचायत या ऑनलाइन।

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दीनदयाल अंत्योदया योजना भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल है, जो ग्रामीण और शहरी गरीबों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास, रोजगार, आवास और वित्तीय सहायता प्रदान करती है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय दर्शन से प्रेरित यह योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन का एकीकरण है। अब तक करोड़ों परिवार इससे जुड़ चुके हैं, जो गरीबी उन्मूलन में मील का पत्थर साबित हो रही है।

Antyodaya Yojana: गरीबी होगी दूर, कौशल विकास से लेकर घर और लोन तक की सुविधा; जानें कैसे मिलेगा लाभ

योजना का उद्देश्य और विस्तार

यह योजना गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को लक्षित करती है, विशेषकर विधवाओं, विकलांगों और वरिष्ठ नागरिकों को। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को संगठित कर उनकी आय बढ़ाने पर जोर दिया जाता है। देशभर के हजारों ब्लॉकों में सक्रिय, यह 10 करोड़ से अधिक महिलाओं को सशक्त बना चुकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिला किसानों के लिए एकीकृत खेती क्लस्टर और उत्पादक कंपनियां स्थापित की गई हैं।

कौशल विकास के अवसर

मुफ्त स्किल ट्रेनिंग इसकी रीढ़ है। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना के तहत युवाओं को आधुनिक कृषि, सेवा क्षेत्र और गैर-कृषि ट्रेड्स में प्रशिक्षण मिलता है। प्रति व्यक्ति 15,000 रुपये तक की सहायता उपलब्ध है, जिससे स्वरोजगार या नौकरी के द्वार खुलते हैं। लाखों लाभार्थी इससे लाभान्वित होकर अपनी आय दोगुनी कर चुके हैं, जो योजना की सफलता का प्रमाण है।

घर और आश्रय की गारंटी

शहरी बेघरों के लिए स्थायी आश्रय गृह प्रमुख उपलब्धि हैं। सभी प्रमुख शहरों में सुविधासंपन्न केंद्र बने हैं, जहां सड़क विक्रेता, कूड़ा बीनने वाले और प्रवासी मजदूर रह सकते हैं। ग्रामीण इलाकों में भी SHG के जरिए पक्के मकान बनवाए जाते हैं। इससे 60,000 से अधिक परिवारों को स्थायी छत मिल चुकी है, जो गरीबी के चक्र को तोड़ने में सहायक है।

लोन और आर्थिक सहायता

बिना गारंटी तीन लाख तक का लोन सस्ते ब्याज पर मिलता है, जिसमें महिलाओं को अतिरिक्त छूट है। रिवॉल्विंग फंड और कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड से सूक्ष्म उद्यम शुरू करने में मदद होती है। बैंक लिंकेज से अरबों रुपये का प्रवाह हो चुका है, जिससे उद्यमिता को बल मिला है। 50,000 रुपये तक की सीधी मदद SHG को दी जाती है।

लाभ कैसे लें?

पात्र परिवार ग्राम पंचायत, नगर निगम या ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करें। आधार, बैंक पासबुक जैसे दस्तावेज जरूरी हैं। स्थानीय कार्यालय से संपर्क कर रजिस्ट्रेशन कराएं और ट्रेनिंग-लोन का लाभ उठाएं। हेल्पलाइन नंबरों पर सहायता उपलब्ध है।

भविष्य की संभावनाएं

2026 में योजना का विस्तार जारी है, जो गरीबी मुक्त भारत का सपना साकार करेगी। लाखों जिंदगियां बदल चुकी हैं, और यह निरंतर प्रगति की कहानी बयां करती है। 

Author
info@gurukulbharti.in

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