उत्तर प्रदेश सरकार ने असंगठित क्षेत्र के लाखों श्रमिकों के लिए भरण-पोषण भत्ता योजना के तहत बड़ी राहत दी है। हाल ही में जारी की गई किस्त के जरिए पात्र मजदूरों के बैंक खातों में सीधे 1000 रुपये ट्रांसफर हो गए हैं। यह योजना दिहाड़ी मजदूरों, रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे कामगारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का सरकारी प्रयास है।

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योजना का उद्देश्य
यह भरण-पोषण भत्ता योजना कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू हुई थी। शुरुआत में सरकार ने असंगठित श्रमिकों को एकमुश्त सहायता दी, जो अब मासिक भत्ते के रूप में बदल गई है। मुख्य लक्ष्य श्रमिक परिवारों के भरण-पोषण को सुनिश्चित करना है, खासकर जब रोजगार की अनिश्चितता बनी रहती है। 2026 में भी योजना सक्रिय है और जनवरी तक नई किस्तें वितरित हो चुकी हैं। लाखों पंजीकृत श्रमिक इससे लाभान्वित हो रहे हैं।
पात्रता के मानदंड
इस योजना का लाभ उठाने के लिए श्रमिकों को कुछ बुनियादी शर्तें पूरी करनी होती हैं। दिहाड़ी मजदूर, कुली, पल्लेदार, रिक्शा चालक, नाई, धोबी, हलवाई जैसे असंगठित क्षेत्र के कामगार पात्र हैं। ई-श्रम कार्ड या श्रम विभाग में पंजीकरण अनिवार्य है। परिवार प्रति मासिक 1000 रुपये दिए जाते हैं, जो डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से सीधे खाते में आते हैं। आय सीमा और दस्तावेज सत्यापन के बाद ही मंजूरी मिलती है।
स्टेटस चेक करने की प्रक्रिया
अपने भत्ते का स्टेटस जानना अब बेहद सरल है। सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट जैसे ई-श्रम पोर्टल या उत्तर प्रदेश श्रम विभाग की साइट पर जाएं। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या आधार कार्ड नंबर दर्ज करें। उसके बाद ओटीपी सत्यापन पूरा करें। सबमिट बटन दबाते ही पेमेंट स्टेटस, किस्त विवरण और लाभार्थी सूची स्क्रीन पर आ जाएगी। अगर कोई समस्या हो तो हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। पूरी प्रक्रिया मुफ्त और सुरक्षित है।
हालिया अपडेट और भविष्य की संभावनाएं
हाल के महीनों में पंजीकृत श्रमिकों को नियमित किस्तें मिल रही हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में इस योजना को मजबूत किया गया है। सरकार ने ई-श्रम कार्ड धारकों को प्राथमिकता दी है, जिससे पेमेंट तेजी से पहुंच रहा है। अगली किस्त का स्टेटस भी इसी तरह चेक किया जा सकता है। हालांकि कुछ श्रमिकों को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन जागरूकता अभियान से सुधार हो रहा है।
आवेदन की प्रक्रिया
अभी तक पंजीकरण न करने वालों के लिए अवसर है। ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर फॉर्म भरें या नजदीकी श्रम कार्यालय में जमा करें। जरूरी दस्तावेज जैसे आधार, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर साथ रखें। आवेदन स्वीकृति के बाद भत्ता शुरू हो जाएगा। देरी न करें, वरना लाभ छूट सकता है।
यह योजना श्रमिक वर्ग के लिए वरदान साबित हो रही है। आर्थिक तंगी में यह मासिक सहायता परिवारों को संबल दे रही है। सभी पात्र श्रमिक तुरंत स्टेटस जांचें और योजना का पूरा लाभ लें। सरकार का यह कदम असंगठित क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
















