प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना महिलाओं और पारंपरिक कारीगरों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत सिलाई मशीन खरीदने के लिए 15,000 रुपये की सीधी सहायता मिल रही है। आत्मनिर्भर भारत के तहत शुरू हुई यह स्कीम दर्जी, बढ़ई जैसे 18 पारंपरिक व्यवसायों को मजबूत कर रही है। लाखों महिलाएं इससे लाभ उठा चुकी हैं और अब 2026 में आवेदन प्रक्रिया और सरल हो गई है।

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योजना का उद्देश्य और लाभ
पीएम विश्वकर्मा योजना का मुख्य लक्ष्य पारंपरिक कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। पहली किस्त में 15,000 रुपये का ई-वाउचर टूलकिट मिलता है, जिससे नई सिलाई मशीन खरीदी जा सकती है। इसके बाद 5 से 15 दिनों का मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें रोजाना 500 रुपये का भत्ता भी सुनिश्चित होता है। प्रशिक्षण पूरा करने पर पहली, दूसरी और तीसरी किस्त में कुल 30,000 रुपये तक की मदद मिलती है। ऊपर से 3 लाख तक का सस्ता लोन 5 प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध है, बिना किसी गारंटी के। 2026 के नए अपडेट्स में मार्केटिंग सहायता और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर प्रमोशन भी जोड़ा गया है, जिससे छोटे बिजनेस को बड़ा बाजार मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं इससे घर बैठे कमाई शुरू कर रही हैं।
कौन कर सकता है आवेदन?
यह योजना भारत के उन नागरिकों के लिए है जो 18 वर्ष से अधिक उम्र के हों और पारंपरिक काम जैसे सिलाई-कढ़ाई में महारत रखते हों। परिवार की वार्षिक आय 1.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है। कोई भी व्यक्ति जो टेलरिंग या इसी तरह का पारंपरिक ट्रेड करता हो, आसानी से पात्र होता है। योजना के तहत ट्रेड प्रमाण पत्र मिलने पर आगे के लाभ बढ़ जाते हैं।
आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें
आवेदन से पहले आधार कार्ड, बैंक पासबुक, राशन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर लिंक्ड आधार जरूर तैयार रखें। आय प्रमाण पत्र भी काम आता है। ये दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने पड़ते हैं, इसलिए स्कैन कॉपी बनाकर रखें।
5 मिनट में मोबाइल से आवेदन कैसे करें?
आवेदन बेहद आसान है। सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट pmvishwakarma.gov.in या नजदीकी CSC सेंटर पर जाएं। नया पंजीकरण चुनें और आधार नंबर व मोबाइल से वेरिफिकेशन पूरा करें। फॉर्म में नाम, पता, ट्रेड (टेलरिंग चुनें) भरें और दस्तावेज अपलोड करें। बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन के लिए CSC सेंटर जाएं। सर्टिफिकेट डाउनलोड करेंगे तो आवेदन आईडी एसएमएस पर आ जाएगी। पूरा प्रक्रिया 5 मिनट में हो जाती है, बशर्ते दस्तावेज तैयार हों।
सावधानियां और सफलता की कहानियां
फर्जी वेबसाइटों से बचें, केवल सरकारी पोर्टल यूज करें। कई महिलाएं इससे स्वरोजगार शुरू कर महीने के 20-25 हजार कमा रही हैं। सरकार का लक्ष्य 2026 तक करोड़ों कारीगरों को जोड़ना है। जल्दी आवेदन करें, क्योंकि सीटें सीमित हैं। यह योजना न सिर्फ मशीन देती है, बल्कि नया जीवन भी।
















