उत्तर प्रदेश के लाखों छात्रों की निगाहें UP Scholarship 2025-26 पर टिकी हैं। प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक और दशमोत्तर योजना के तहत आर्थिक सहायता का इंतजार कर रहे विद्यार्थी जानना चाहते हैं कि उनकी स्कॉलरशिप कब खाते में आएगी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, फॉर्म सुधार की अंतिम तारीख 27 फरवरी 2026 तक है, जबकि डिस्बर्समेंट मार्च 2026 के मध्य में निर्धारित है। यह समय सीमा छात्रों को अंतिम मौका देती है ताकि उनका आवेदन पूरा हो सके।

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महत्वपूर्ण तारीखें और समयसीमा
UP Scholarship प्रक्रिया कई चरणों में चल रही है। दशमोत्तर योजना (कक्षा 11-12 को छोड़कर) के लिए छात्रों ने जनवरी 2026 में आवेदन किया था। संस्थानों को हार्ड कॉपी जमा करने की समय सीमा 18 फरवरी 2026 है। वेरिफिकेशन 7 फरवरी से शुरू हो चुका है और NIC स्क्रूटनी 9 फरवरी को होगी। जिला समिति 10 मार्च तक डेटा लॉक करेगी। पोस्ट मैट्रिक के लिए मास्टर डेटा चेकिंग दिसंबर 2025 में पूरी हुई थी।
ये तारीखें बताती हैं कि प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे इन अंतिम अवसरों का लाभ उठाएं। देरी से बचने के लिए सभी दस्तावेज पहले से तैयार रखें। सरकार ने 300 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जिससे सभी पात्र छात्र लाभान्वित होंगे।
स्टेटस चेक करने का सरल नया तरीका
स्कॉलरशिप स्टेटस जांचना अब बेहद आसान है। आधिकारिक वेबसाइट scholarship.up.gov.in पर जाएं। होमपेज पर सत्र 2025-26 चुनें। अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या एप्लीकेशन आईडी और जन्मतिथि दर्ज करें। कैप्चा कोड भरें और सर्च बटन दबाएं। कुछ ही सेकंड में आपका स्टेटस संस्थान वेरिफिकेशन, जिला समिति स्वीकृति या फंड ट्रांसफर दिख जाएगा।
यदि “We are sorry” संदेश आए, तो इसका मतलब है कि वेरिफिकेशन प्रक्रिया चल रही है। नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर भी चेक करवाएं। मोबाइल ऐप या ब्राउजर से दोनों तरीके काम करते हैं। रिन्यूअल और फ्रेश आवेदन दोनों के लिए यही प्रक्रिया अपनाएं। नियमित चेक से तनाव कम होगा।
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देरी के कारण और जरूरी सलाह
कई बार वेरिफिकेशन में लापरवाही से आवेदन रद्द हो जाते हैं। अधूरे दस्तावेज या गलत जानकारी मुख्य कारण हैं। छात्र आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जाति और आय प्रमाण पत्र अपडेट रखें। हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत संपर्क करें यदि समस्या हो। सरकार ने आधार आधारित भुगतान प्रणाली अपनाई है, जो पारदर्शिता बढ़ाएगी।
लखनऊ से दिल्ली तक पढ़ने वाले छात्र भी पोस्ट मैट्रिक आउटसाइड स्टेट श्रेणी में पात्र हैं। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सशक्त बनाती है। छात्र सतर्क रहें, समय पर सुधार करें। मार्च तक अच्छी खबर की उम्मीद है।
















