देश के करोड़ों परिवारों के लिए राशन कार्ड सब्सिडी वाले अनाज, चीनी और केरोसिन का सबसे बड़ा सहारा है। लेकिन अगर यह छोटा सा प्लास्टिक कार्ड चोरी हो जाए या कहीं गुम हो जाए, तो पहले तहसीलदार के दफ्तर या खाद्य विभाग के चक्कर लगाने पड़ते थे। लंबी कतारें, कागजी कार्रवाई और कई दिनों की मशक्कत। अब यह पुरानी कहानी बन चुकी है। डिजिटल इंडिया अभियान के तहत केंद्र और राज्य सरकारों ने ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किए हैं, जिनसे घर बैठे मोबाइल या लैपटॉप से ही डुप्लीकेट राशन कार्ड बनवाया जा सकता है। आधार कार्ड से लिंकिंग की वजह से सत्यापन फटाफट हो जाता है और प्रक्रिया महज 7 से 15 दिनों में पूरी हो जाती है।

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डिजिटल सुविधा ने क्यों बदली जिंदगी?
पहले राशन कार्ड गुम होने पर सबसे पहले नजदीकी थाने में FIR दर्ज करानी पड़ती थी। फिर फोटो, आधार, वोटर आईडी जैसे ढेर सारे कागजात लेकर अफसरों के आगे हाथ-पैर जोड़ने पड़ते। कई बार महीनों लग जाते। लेकिन कोविड महामारी के बाद सरकार ने तेजी से डिजिटलीकरण को बढ़ावा दिया।
अब नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (NFSA) का केंद्रीय पोर्टल nfsa.gov.in हो या राज्यों के अलग-अलग साइट्स जैसे उत्तर प्रदेश का foodup.in, दिल्ली का nfs.delhigovt.nic.in या उत्तराखंड का food.uk.gov.in सब पर एक ही तरह की आसान प्रक्रिया उपलब्ध है। डिजीलॉकर ऐप भी वैकल्पिक रास्ता देता है, जहां आधार से लॉगिन कर सीधे डाउनलोड किया जा सकता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि इससे न सिर्फ समय बचेगा, बल्कि पैसे भी। मामूली फीस 50 से 100 रुपये ही लगती है, वो भी ऑनलाइन पेमेंट से।
स्टेप बाय स्टेप जानें पूरी प्रक्रिया
सबसे पहले अपने राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की आधिकारिक वेबसाइट खोलें। होमपेज पर ‘राशन कार्ड सेवाएं’ या ‘डुप्लीकेट राशन कार्ड आवेदन’ का विकल्प ढूंढें। अगर पुराना राशन कार्ड नंबर याद हो तो भरें, वरना आधार नंबर से सर्च करें। फॉर्म में नाम, पता, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी डालें। अगर कार्ड चोरी हुआ है तो थाने की FIR कॉपी स्कैन करके अपलोड करें। जरूरी दस्तावेजों में आधार कार्ड, बिजली या पानी का बिल (पते के प्रमाण के लिए), पासपोर्ट साइज फोटो और बैंक पासबुक शामिल हैं।
सब कुछ भरने के बाद फीस का पेमेंट UPI, नेट बैंकिंग या कार्ड से करें। आवेदन जमा होते ही एक रेफरेंस या ट्रैकिंग नंबर मिलेगा, जिसे नोट कर लें। अब रोजाना उसी नंबर से स्टेटस चेक करें। सत्यापन पूरा होते ही आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर SMS या ईमेल से डाउनलोड लिंक आ जाएगा। प्रिंटआउट निकाल लें और नजदीकी फेयर प्राइस शॉप पर जाकर चेक करवाएं।
राज्यवार थोड़े बदलाव, सावधानियां बरतें
हर राज्य में प्रक्रिया लगभग एक जैसी है, लेकिन वेबसाइट URL अलग-अलग हैं। बिहार में icarex.bihar.gov.in, राजस्थान में eMitra पोर्टल और महाराष्ट्र में महा-फूड ऐप यूज होता है। समस्या हो तो टोल फ्री हेल्पलाइन 1967 पर कॉल करें या स्थानीय ई-मित्र केंद्र जाएं। ध्यान रखें, फर्जी ऐप्स या वेबसाइट्स से बचें। हमेशा .gov.in या .nic.in वाली साइट ही इस्तेमाल करें। सरकार का लक्ष्य 2026 तक सभी राशन कार्डों को पूरी तरह डिजिटल बनाना है, ताकि कागजी झंझट खत्म हो।
लाभार्थियों की खुशी
देहरादून की राधा देवी कहती हैं, ‘पहले हफ्तों लग जाते थे, अब 10 मिनट में आवेदन हो गया।’ इसी तरह लखनऊ के रामू ने बताया कि डिजीलॉकर से बिना किसी फीस के डाउनलोड कर लिया। यह सुविधा खासकर ग्रामीण महिलाओं और बुजुर्गों के लिए वरदान है। डिजिटल इंडिया सच्चा साबित हो रहा है, अब राशन कार्ड गुम होने पर घबराएं नहीं, बस स्मार्टफोन उठाएं और प्रक्रिया शुरू करें।
















