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मुसीबत में सरकार का साथ! परिवार के मुखिया की मौत पर मिलेंगे ₹30,000; राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना की पूरी डिटेल।

क्या आप जानते हैं? मुश्किल वक्त में सरकार देगी तुरंत मदद। राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ कौन पा सकता है, कैसे अप्लाई करें, पैसे कब मिलेंगे। एक क्लिक में पूरी डिटेल, मिस न करें!

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गरीब परिवारों के लिए मुश्किल घड़ी में केंद्र सरकार का राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना एक मजबूत सहारा साबित हो रही है। जब परिवार का मुखिया, जो मुख्य कमाने वाला सदस्य होता है, अचानक दुनिया छोड़ जाता है, तो यह योजना तत्काल 30,000 रुपये की एकमुश्त सहायता प्रदान करती है। यह वित्तीय मदद परिवार को कर्ज के जाल से बचाने और नई शुरुआत करने में बड़ी भूमिका निभाती है, खासकर ग्रामीण भारत में जहां एक व्यक्ति की कमाई पर पूरा परिवार टिका होता है।

मुसीबत में सरकार का साथ! परिवार के मुखिया की मौत पर मिलेंगे ₹30,000; राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना की पूरी डिटेल।

योजना की पूरी जानकारी!

राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना (एनएफबीएस) राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का हिस्सा है, जो ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित है। 2001 से शुरू हुई यह योजना गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) रहने वाले परिवारों को लक्षित करती है। इसका मुख्य लक्ष्य मुखिया की मृत्यु से उत्पन्न आर्थिक संकट को कम करना है। चाहे मृत्यु प्राकृतिक कारणों से हो या दुर्घटना में, पात्र परिवारों को फौरन राहत मिलती है। उत्तर प्रदेश, झारखंड, हरियाणा, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे कई राज्यों में यह सक्रिय रूप से लागू है। पहले सहायता राशि 20,000 रुपये थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 30,000 कर दिया गया है।

पात्रता के मानदंड

इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ सख्त शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं। मृतक की उम्र मृत्यु के समय 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। परिवार ग्रामीण क्षेत्र में हो तो वार्षिक आय 46,000 रुपये से कम और शहरी क्षेत्र में 56,000 रुपये से कम हो। आवेदक को संबंधित राज्य का स्थायी निवासी होना जरूरी है। सबसे महत्वपूर्ण, परिवार बीपीएल सूची में दर्ज होना चाहिए। आवेदन मृत्यु की तारीख से एक साल के अंदर करना अनिवार्य है, वरना अवसर हाथ से निकल जाता है। विधवा या अन्य आश्रित सदस्य ही आवेदन कर सकते हैं।

लाभ की राशि और वितरण प्रक्रिया

पात्र परिवार को 30,000 रुपये सीधे बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए जमा हो जाते हैं। यह राशि परिवार को तत्काल जरूरतों जैसे चिकित्सा, शिक्षा या रोजगार शुरू करने में मदद करती है। स्वीकृति आवेदन के 30 दिनों के अंदर हो जाती है, बशर्ते सभी दस्तावेज पूर्ण हों। यदि अस्वीकृत हो जाए, तो जिला स्तर पर अपील की जा सकती है।

आवेदन कैसे करें?

आवेदन प्रक्रिया सरल और डिजिटल है। उत्तर प्रदेश में nfbs.upsdc.gov.in पोर्टल पर जाकर ‘नया पंजीकरण’ चुनें। अन्य राज्यों में स्थानीय सामाजिक कल्याण विभाग या जनसेवा केंद्र/सीएससी पर संपर्क करें। स्टेटस चेक करने के लिए वही पोर्टल इस्तेमाल होता है। ऑफलाइन विकल्प भी उपलब्ध है, जहां जिला समाज कल्याण कार्यालय में फॉर्म जमा कर सकते हैं। समय पर आवेदन करें ताकि राहत देरी से न मिले।

आवश्यक दस्तावेजों की सूची

आवेदन के लिए ये दस्तावेज जरूरी हैं:

  • मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र और आयु प्रमाण पत्र।
  • आधार कार्ड, बीपीएल राशन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र।
  • बैंक पासबुक की कॉपी, पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर।
    सभी दस्तावेज साफ-सुथरे और वैध होने चाहिए।

योजना का प्रभाव और सलाह

झारखंड के बोकारो या यूपी के सुल्तानपुर जैसे इलाकों में कई परिवारों ने इस योजना से उबरने की कहानियां साझा की हैं। मुखिया की मौत के बाद कर्जमुक्त होकर बच्चों की पढ़ाई जारी रखी गई। हालांकि, जागरूकता की कमी से लाखों पात्र परिवार वंचित रह जाते हैं। अगर आपका परिवार प्रभावित है, तो तुरंत नजदीकी केंद्र जाएं। यह न सिर्फ हक है, बल्कि मुश्किलों से लड़ने का सरकारी हथियार भी। समय रहते आवेदन करें, सरकार आपका साथ देगी!

Author
info@gurukulbharti.in

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