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Teen Millionaire: न मेडिकल, न इंजीनियरिंग! 12वीं के छात्र ने घर के कोने से शुरू किया बिजनेस; आज हर महीने कमा रहा ₹6 लाख।

12वीं क्लास का लड़का, मेडिकल-इंजीनियरिंग छोड़ घर के छोटे से कोने में बिजनेस शुरू किया। आज महीने के ₹6 लाख कमा रहा! कोई महंगा कोर्स नहीं, बस स्मार्ट आइडिया। क्या है वो सीक्रेट फॉर्मूला? पढ़ो और अपना बिजनेस शुरू करो!

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सपने तो सब देखते हैं कोई डॉक्टर बनेगा, कोई इंजीनियर, तो कोई IELTS क्रैक करके अमेरिका पहुंचेगा। लेकिन पंजाब के छोटे से गांव सेहना में रहने वाले सोहलप्रीत सिंह सिद्धू ने 18 साल की उम्र में कुछ और ही कर दिखाया। जहां बाकी लड़के करियर की टेंशन में डूबे हैं, वहां सोहलप्रीत ने डेयरी फार्मिंग को अपना जुनून बना लिया। आज उनकी मेहनत रंग लाई है हर महीने 5-6 लाख रुपये की कमाई!

जनवरी 2026 में 18 के हो चुके सोहलप्रीत कहते हैं, “मां-बाप का पैसा विदेश भेजने से क्या फायदा? इसे गांव में लगाओ, तो अपना साम्राज्य खड़ा हो जाता है।” ओपन स्कूल से 12वीं पास कर चुके वे अब वेटरनरी कोर्स की तैयारी में जुटे हैं, क्योंकि बड़ा बिजनेस चलाने के लिए नॉलेज जरूरी है।

Teen Millionaire: न मेडिकल, न इंजीनियरिंग! 12वीं के छात्र ने घर के कोने से शुरू किया बिजनेस; आज हर महीने कमा रहा ₹6 लाख।

तीन साल में 5 भैंसों से 120 पशुओं तक का सफर

सब कुछ 15 साल की उम्र से शुरू हुआ। परिवार को मनाकर 1.20 लाख में पहली भैंस लाई, जो अगस्त 2023 की बात है। पहले छोटे स्तर पर 4-5 भैंसें थीं, लेकिन सोहलप्रीत ने कमाई का सारा पैसा दोबारा निवेश किया। नतीजा? आज 120 मवेशी 55 भैंसें (53 मुर्रा की ताकतवर!), 15 गायें (12 होल्स्टीन फ्रिजियन, 2 जर्सी, 1 साहीवाल), और 50 बछड़े। 50-55 पशु दूध दे रहे हैं, 15-20 गर्भवती हैं। सपना है अगले साल 100 दूध वाली डेयरी, और आगे 500-550 भैंसें!

रोज 700 लीटर दूध, 10 लाख का टर्नओवर 60% प्रॉफिट!

बरनाला की एक कंपनी को रोज 650-700 लीटर दूध बिकता है। भैंस दूध 65-70 रुपये/किलो, गाय का 38-42। 400 किलो भैंस दूध से महीने में 10 लाख तक कमाई! 60% मुनाफा बचता है, जो फार्म बढ़ाने में लगता है। 6 मजदूर, हाथ-मशीन मिल्किंग रोज 3 घंटे। दवाओं पर कम खर्च क्योंकि देखभाल टॉपक्लास। चारा खुद उगाते हैं 4.5 एकड़ पर बरसीन, जौ, मक्का, चरी, बाजरा। साइलेज घर पर! 20 एकड़ अपनी जमीन, 22 लीज पर। एक एकड़ फार्म शेड्स, फीडिंग जोन, नहलाने के पूल सब वैज्ञानिक तरीके से।

गलतियां हुईं, लेकिन परिवार ने दिया साथ अब प्रेरणा बन गए

पिता बलबीर सिंह बताते हैं, “शुरू में शक था, लेकिन बेटे का जोश देखा तो भरोसा हो गया।” दादा निशान सिंह को गर्व है। हां, गलत नस्ल की भैंसें खरीदने से घाटा हुआ, लेकिन सीख मिली। सोहलप्रीत की सलाह: “बिजनेस में खुद हाथ-पैर हिलाओ, हर डिटेल समझो।” वे कहते हैं, “डेयरी मेरा पैशन है, पंजाब ही मेरा घर।”

सोहलप्रीत जैसी कहानियां साबित करती हैं गांव में रहकर भी आसमान छू सकते हो। युवाओं, विदेश मत भागो, अपनी मिट्टी में कमाओ!

Author
info@gurukulbharti.in

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