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क्या आपके गैस सिलेंडर में भी है कम गैस? डिलीवरी लेते समय याद रखें ये 3 बातें; शिकायत करने पर एजेंसी को देना होगा हर्जाना।

डिलीवरी लेते 3 गलतियाँ न दोहराएँ, वरना ठगे जाओगे! शिकायत पर एजेंसी को 1 लाख तक का चालान अभी जान लो ये सीक्रेट टिप्स!

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लाखों घरों में रोजमर्रा की रसोई का साथी एलपीजी गैस सिलेंडर अब ठगी का शिकार बन रहा है। कई उपभोक्ता डिलीवरी के समय सतर्कता न बरतने से कम गैस पा रहे हैं, जिससे नुकसान हो रहा है। लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट के तहत शिकायत पर एजेंसी को हजारों रुपये का हर्जाना चुकाना पड़ सकता है। आइए जानते हैं इस समस्या से बचने के लिए हमें किन आवश्यक बातों का ध्यान रखना चाहिए, और अगर आप इस ठगी का शिकार होते हैं तो तुरंत ही बिना डरे शिकायत करें।

क्या आपके गैस सिलेंडर में भी है कम गैस? डिलीवरी लेते समय याद रखें ये 3 बातें; शिकायत करने पर एजेंसी को देना होगा हर्जाना।

डिलीवरी के समय ये 3 बातें जरूर चेक करें

रसोई गैस उपभोक्ताओं को डिलीवरी बॉय के हाथों सिलेंडर लेते वक्त तीन मुख्य सावधानियां बरतनी चाहिए। पहला, सिलेंडर का नेट वजन 14.2 किलोग्राम होना अनिवार्य है, डिलीवरी पर ही तौल लें। दूसरा, MRP से अधिक पैसे न दें और बिल-रसीद लें। तीसरा, पुराना सिलेंडर लौटाते समय उसका वजन चेक करवाएं ताकि सब्सिडी सही मिले। इन कदमों से 90% मामले ठीक हो जाते हैं।

ऐसे करें शिकायत!

कम गैस मिलने पर तुरंत जिला लीगल मेट्रोलॉजी ऑफिस, सप्लाई विभाग या गैस कंपनी के टोल-फ्री नंबर (जैसे इंडेन: 1800-233-3555) पर शिकायत करें। सादे कागज पर विवरण लिखें कोई फॉर्म जरूरी नहीं। उपभोक्ता फोरम भी विकल्प है। हालिया मामलों में एजेंसियां 24 घंटे में सुधार करती हैं।

एजेंसी पर लगेगा भारी जुर्माना

लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट 2009 की धारा 18 के तहत कम वजन देना अपराध है, पहली बार 25,000 रुपये जुर्माना, दोबारा 50,000 से 1 लाख तक और 1 वर्ष जेल। नया उपभोक्ता संरक्षण कानून से लाइसेंस रद्दीकरण भी संभव। 2026 में दिल्ली-यूपी में दर्जनों एजेंसियों पर कार्रवाई हुई। उपभोक्ता संगठन चेतावनी दे रहे हैं कि बजट से पहले बढ़ती शिकायतें चिंता का विषय हैं।

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info@gurukulbharti.in

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