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Inverter Battery Tips: इन्वर्टर की बैटरी में पानी कब बदलना चाहिए? मैकेनिक के चक्कर छोड़ें, खुद जानें सही टाइम और बढ़ाएं बैटरी लाइफ

मैकेनिक को bye-bye बोलो, घर पर 2 मिनट में चेक करो सही समय। ये 5 आसान स्टेप्स सीखो और बैटरी लाइफ दोगुनी कर दो पैसे बचाओ, बिजली कटौती में टेंशन फ्री रहो!

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आजकल बिजली कटौती आम बात हो गई है, और इन्वर्टर घर-घर की जरूरत बन चुका है। लेकिन इन्वर्टर की बैटरी का सबसे बड़ा दुश्मन है पानी की कमी। ज्यादातर लोग अनजाने में गलतियां करते हैं, जिससे बैटरी जल्दी खराब हो जाती है। अगर आप खुद ही सही समय पर पानी चेक और भरना सीख लें, तो मैकेनिक पर पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस आर्टिकल में हम सरल तरीके बताएंगे, ताकि आपकी बैटरी 4-5 साल आसानी से चले।

Inverter Battery Tips: इन्वर्टर की बैटरी में पानी कब बदलना चाहिए? मैकेनिक के चक्कर छोड़ें, खुद जानें सही टाइम और बढ़ाएं बैटरी लाइफ

बैटरी के पानी का महत्व समझें

इन्वर्टर बैटरी में इलेक्ट्रोलाइट सॉल्यूशन होता है, जिसमें सल्फ्यूरिक एसिड और पानी मिला होता है। जब इन्वर्टर चलता है, तो पानी धीरे-धीरे वाष्पित हो जाता है, जबकि एसिड नहीं। पानी कम होने से प्लेटें सूख जाती हैं, जो बैटरी को कमजोर कर देती हैं। अगर समय पर न भरा जाए, तो बैटरी का बैकअप घटने लगता है और अंत में पूरी तरह खराब हो जाती है। सही मेंटेनेंस से आप बैटरी की उम्र को दोगुना बढ़ा सकते हैं। गर्मी के मौसम में पानी तेजी से उड़ता है, इसलिए खास सावधानी बरतें।

पानी चेक करने का सही तरीका

सबसे पहले इन्वर्टर को पूरी तरह बंद कर दें और 4-6 घंटे इंतजार करें, ताकि अंदर की गैस निकल जाए। बैटरी के टॉप पर लगे 3-6 प्लास्टिक कैप्स हल्के से खोलें। हर सेल में दो लेवल मार्क्स होते हैं – लोअर (नीचे वाला) और अपर (ऊपर वाला)। टॉर्च की रोशनी डालकर देखें। अगर पानी का लेवल लोअर मार्क से नीचे हो गया है, तो रिफिल करने का समय आ गया है। अपर मार्क से ऊपर कभी न भरें, वरना ओवरफ्लो हो सकता है। यह चेकिंग हर महीने जरूर करें, खासकर पावरकट ज्यादा होने पर।

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पानी कब और कितनी बार भरें?

नई बैटरी में पहले 1-2 महीने हर 15 दिन चेक करें। पुरानी बैटरी पर निर्भर करता है – कम यूज वाले घर में हर 2-3 महीने, ज्यादा यूज में हर 20-30 दिन। गर्मियों में हर 15 दिन, सर्दियों में 45 दिन का अंतर रखें। अगर बैटरी पर फ्लोट इंडिकेटर है और वो लाल हो जाए, तो तुरंत एक्शन लें। बिजली कटौती की फ्रीक्वेंसी के हिसाब से एडजस्ट करें। याद रखें, ज्यादा पानी डालना भी नुकसानदेह है। सही टाइमिंग से बैटरी 500-600 साइकिल आसानी से पूरा कर लेती है।

सुरक्षित तरीके से पानी भरने के स्टेप्स

रबर के ग्लव्स और चश्मा पहनें। सिर्फ डिस्टिल्ड वॉटर यूज करें – RO वाला या बैटरी शॉप से खरीदें। नल का पानी कभी न डालें, क्योंकि उसमें मिनरल्स बैटरी को नुकसान पहुंचाते हैं। फनल से धीरे-धीरे अपर लेवल तक भरें। भरने के बाद कैप्स टाइट बंद करें। बैटरी को साफ कपड़े से पोंछें और इन्वर्टर चालू करें। पहले 2-3 घंटे लोड न लगाएं। अगर एसिड लीक हो रहा हो, तो तुरंत एक्सपर्ट को बुलाएं।

बैटरी लाइफ बढ़ाने के अतिरिक्त टिप्स

बैटरी को धूलमुक्त रखें और कभी पूरी तरह डिस्चार्ज न होने दें – 50% पर ही चार्ज करें। ओवरलोडिंग से बचें, जैसे AC या हीटर न लगाएं। महीने में एक बार फुल बैकअप टेस्ट करें। अगर बैटरी 3 साल से ज्यादा पुरानी है, तो पानी के अलावा टERMINALS भी चेक करें। सही केयर से बिजली बिल भी कम होगा और बैटरी लंबे समय तक साथ देगी।

इन आसान स्टेप्स से आप घर पर ही एक्सपर्ट बन जाएंगे। आज से ही चेकिंग शुरू करें और देखें कमाल!

Author
info@gurukulbharti.in

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