उत्तर प्रदेश सरकार ने बेटियों को मजबूत बनाने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। यह योजना नवजात से लेकर पढ़ाई पूरी करने तक हर कदम पर आर्थिक सहारा देती है। कुल 25,000 रुपये की यह मदद परिवारों को बेटी के भविष्य की चिंता से मुक्त करती है।

Table of Contents
योजना का उद्देश्य और शुरुआत
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के संकल्प को साकार करने वाली यह पहल 2019 में शुरू हुई। समाज में लड़कियों के प्रति भेदभाव को खत्म करने का लक्ष्य है इसका। जन्म से उच्च शिक्षा तक छह महत्वपूर्ण पड़ावों पर राशि जारी होती है। इससे परिवार आर्थिक बोझ से राहत पाते हैं और बेटियां आगे बढ़ती हैं।
मिलने वाले लाभ: चरणबद्ध तरीके से
- पहला चरण (जन्म पर): सुरक्षित प्रसव के बाद 2,000 से 5,000 रुपये तक। नवजात बेटी के स्वागत में यह पहली सौगात।
- दूसरा चरण (टीकाकरण): एक साल के अंदर पूरा टीका लगवाने पर 1,000-2,000 रुपये। स्वास्थ्य को मजबूत बनाना प्राथमिकता।
- तीसरा चरण (प्राथमिक शिक्षा): कक्षा एक में दाखिला पर 2,000-3,000 रुपये। स्कूल बैग और किताबों का खर्चा कवर।
- चौथा चरण (माध्यमिक): कक्षा छह में प्रवेश पर 3,000-5,000 रुपये। पढ़ाई का सफर जारी रखने में मदद।
- पांचवां चरण (उच्च माध्यमिक): कक्षा नौ में एंट्री पर 3,000-5,000 रुपये। सपनों को पंख लगते हैं।
- छठा चरण (उच्च शिक्षा): 10वीं या 12वीं पास कर कॉलेज/डिप्लोमा पर 7,000 रुपये। करियर की नींव पड़ती है।
ये राशियां सीधे बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से आती हैं। कुल योग 25,000 रुपये बनता है, जो बेटी के हर मीलस्टोन को सेलिब्रेट करता है।
कौन ले सकता है लाभ? पात्रता शर्तें
- उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना जरूरी। राशन कार्ड या आधार से साबित करें।
- परिवार की सालाना कमाई 3 लाख रुपये से कम।
- प्रति परिवार अधिकतम दो बेटियां ही कवर। जुड़वां बच्चे होने पर विशेष छूट।
- बेटी 1 अप्रैल 2019 या उसके बाद पैदा हुई हो। शादीशुदा न हो।
- गोद ली गई बेटियां भी पात्र। सरकारी दस्तावेज सही होने चाहिए।
आसान ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
- आधिकारिक वेबसाइट myscheme.gov.in या mksy.up.gov.in पर लॉगिन करें।
- ‘नया पंजीकरण’ चुनें, आधार नंबर डालें।
- बेटी का जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता का आधार, बैंक पासबुक अपलोड करें।
- फॉर्म भरें, सबमिट करें। SMS से वेरिफिकेशन कोड आएगा।
- स्थानीय अधिकारी जांचेंगे, स्वीकृति पर पैसा खाते में।
हेल्पलाइन 1800-180-6417 पर कॉल करें अगर समस्या हो। समय पर अपडेट चेक करते रहें।
योजना के फायदे और सावधानियां
यह योजना लिंग अनुपात सुधारती है और लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाती है। परिवारों में बेटी को बोझ न मानने की सोच बदल रही है। दस्तावेज स्पष्ट रखें, फर्जीवाड़े से बचें। 2025-26 में नए अपडेट्स की उम्मीद है।
बेटियों के सपनों को उड़ान दें, इस योजना का लाभ उठाएं। उत्तर प्रदेश में हर बेटी सुमंगला बने, यही सरकार का संकल्प है।
















