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₹50,000 की सैलरी से बनें 5.5 करोड़ के मालिक! सरकारी स्कीम का ये जादुई कैलकुलेशन कर देगा हैरान, जानें अमीर बनने का सीक्रेट

सरकारी स्कीम का ये आसान कैलकुलेशन आपकी जिंदगी बदल देगा। हर महीने थोड़ा निवेश करें और अमीर बनने का सपना पूरा करें। जानें पूरा फॉर्मूला जो लाखों लोग इस्तेमाल कर रहे हैं।

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अगर आपकी मासिक आमदनी 50 हजार रुपए है, तो रिटायरमेंट तक करोड़पति बनना कोई सपना नहीं। कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफओ) जैसी सरकारी योजना के जरिए चक्रवृद्धि ब्याज की ताकत से यह मुमकिन है। नियमित योगदान और समय के साथ बढ़ते रिटर्न आपको 5.5 करोड़ के फंड तक पहुंचा सकते हैं। यह गणित का खेल है, जिसमें धैर्य और अनुशासन मुख्य हथियार हैं।

₹50,000 की सैलरी से बनें 5.5 करोड़ के मालिक! सरकारी स्कीम का ये जादुई कैलकुलेशन कर देगा हैरान, जानें अमीर बनने का सीक्रेट

ईपीएफओ में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों सैलरी का 12 प्रतिशत जमा करते हैं। 50 हजार की बेसिक सैलरी पर हर महीने 6 हजार कर्मचारी और 6 हजार नियोक्ता से कुल 12 हजार रुपए का योगदान होता है। इस राशि पर सालाना 8.25 से 8.5 प्रतिशत ब्याज मिलता है, जो पूरी तरह टैक्स मुक्त रहता है। 35 साल की नौकरी के दौरान यह रकम तेजी से बढ़ती जाती है। शुरुआत में ग्रोथ धीमी लगती है, लेकिन बाद के वर्षों में चक्रवृद्धि का जादू कमाल दिखाता है। पहले 50 लाख जमा करने में करीब 8 साल लगते हैं, जबकि आखिरी 50 लाख महज 10 महीनों में जुड़ जाते हैं।

चक्रवृद्धि ब्याज का राज

चक्रवृद्धि ब्याज वह ताकत है जो आपके पैसे को पैसा कमाने वाला बनाती है। हर साल ब्याज न सिर्फ मूलधन पर, बल्कि पिछले ब्याज पर भी जुड़ता है। उदाहरण के तौर पर, अगर आप 25 साल की उम्र से शुरू करते हैं, तो 60 साल की उम्र तक बिना रुके योगदान दें। सैलरी में हर पांच साल 10 प्रतिशत इजाफा मानें, तो फंड और मजबूत हो जाता है। ईपीएफओ सुरक्षित विकल्प है, क्योंकि इसमें बाजार के उतार चढ़ाव का जोखिम कम होता है।

एसआईपी से अतिरिक्त रफ्तार पाएं

ईपीएफओ के साथ म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) जोड़ें। सैलरी का 20 से 30 प्रतिशत, यानी 10 से 15 हजार रुपए मासिक निवेश करें। 12 प्रतिशत औसत रिटर्न पर 30 साल में 5 करोड़ का लक्ष्य हासिल हो सकता है। बड़े निवेशक भी यही सलाह देते हैं कि 50 हजार मासिक एसआईपी 20 साल में करोड़ों बना सकता है। यहां एक सरल तुलना देखें।

मासिक निवेशरिटर्न दरसमय सीमाकुल राशि
12 हजार (ईपीएफओ)8.5 प्रतिशत35 साल5.5 करोड़
30 हजार (एसआईपी)12 प्रतिशत25-30 साल5 करोड़
50 हजार (एसआईपी)12 प्रतिशत20 साल5 करोड़

एसआईपी कैलकुलेटर से खुद जांचें: भविष्य मूल्य = मासिक राशि गुणा [(1+र)^न -1]/र गुणा (1+र)।

सफलता के व्यावहारिक सूत्र

यह फॉर्मूला तभी काम करता है जब खर्च नियंत्रित रहें। सैलरी का आधा हिस्सा जरूरतों पर, 30 प्रतिशत इच्छाओं पर और 20 प्रतिशत बचत पर लगाएं। सैलरी बढ़ने पर निवेश भी बढ़ाएं। ईपीएफओ के अलावा नेशनल पेंशन सिस्टम या पब्लिक प्रोविडेंट फंड जैसे विकल्प अपनाएं। मुख्य चुनौती महंगाई और बाजार की अस्थिरता है, इसलिए विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

भारत में लाखों युवा टेक और प्राइवेट नौकरियों में हैं। अमृतसर जैसे शहरों में ये लोग डिजिटल कंटेंट और सरकारी योजनाओं से जुड़े हैं। जल्द शुरूआत करें, क्योंकि समय ही सबसे बड़ा लाभ है। अनुशासन से हर सैलरीधारी अमीर बन सकता है।

Author
info@gurukulbharti.in

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