
Bihar Power Subsidy Scheme के तहत 125 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा को लेकर उपभोक्ताओं में कई तरह के सवाल उठ रहे थे। अब Bihar State Power Holding Company Limited (BSPHCL) ने स्पष्ट कर दिया है कि मुफ्त यूनिट की गणना किस आधार पर की जाएगी और किन परिस्थितियों में प्रो-राटा (Pro Rata) फॉर्मूला लागू होगा। कंपनी के अनुसार 125 यूनिट की सीमा सीधे-सीधे हर बिल पर लागू नहीं होती, बल्कि यह 30 दिनों की मानक मासिक अवधि के आधार पर तय की जाती है। यदि बिलिंग अवधि 30 दिनों से कम या अधिक है, तो आनुपातिक गणना की जाएगी।
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30 दिन है मानक अवधि, उसी आधार पर तय होती है मुफ्त सीमा
BSPHCL ने स्पष्ट किया है कि 125 यूनिट मुफ्त बिजली की गणना 30 दिनों की मासिक अवधि को आधार मानकर की जाती है। यदि किसी उपभोक्ता का बिल ठीक 30 दिनों का है, तो 125 यूनिट तक की खपत पर ऊर्जा शुल्क शून्य (Zero Bill) रहेगा। लेकिन यदि बिलिंग अवधि 30 दिनों से अलग है-जैसे 35 दिन, 40 दिन या 25 दिन-तो मुफ्त यूनिट की संख्या उसी अनुपात में बढ़ेगी या घटेगी।
समझिए प्रो-राटा (Pro Rata) फॉर्मूला क्या है?
प्रो रेटा (Pro Rata) का अर्थ है,आनुपातिक’ या ‘अनुपात के अनुसार’। यानी जितने दिनों की बिलिंग अवधि होगी, उसी अनुपात में 125 यूनिट की सीमा तय की जाएगी। यह व्यवस्था इसलिए लागू की गई है ताकि सभी उपभोक्ताओं को निष्पक्ष लाभ मिल सके।
उदाहरण से समझिए गणना
मान लीजिए किसी उपभोक्ता का बिल 40 दिनों की अवधि का है और कुल खपत 200 यूनिट दर्ज हुई है।
अब सीधे 125 यूनिट मुफ्त नहीं मिलेंगी। इसकी गणना इस तरह होगी:
125 × 40 ÷ 30 = 166.66 यूनिट
यानी 40 दिनों की बिलिंग अवधि में लगभग 167 यूनिट तक ऊर्जा शुल्क नहीं लगेगा।
बाकी यूनिट पर देना होगा शुल्क
यदि 40 दिनों में कुल खपत 200 यूनिट है, तो:
- 167 यूनिट तक बिजली मुफ्त मानी जाएगी
- शेष 33 यूनिट पर ऊर्जा शुल्क (Electricity Charge) देना होगा
- इस पर विद्युत कर (Electricity Duty) भी लागू होगा
इसके अलावा, स्वीकृत भार (Sanctioned Load) के 75 प्रतिशत या निर्धारित फिक्स्ड चार्ज (Fixed Charge) — दोनों में जो अधिक होगा — वह पूरी बिलिंग अवधि के लिए देय रहेगा।
1 अगस्त 2025 से लागू है योजना
बिहार सरकार ने 1 अगस्त 2025 से सभी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली योजना लागू की है। इसका लाभ जुलाई 2025 की खपत वाले बिल से मिलना शुरू हो गया है। योजना का उद्देश्य राज्य के अधिकतम परिवारों को राहत देना और बिजली बिल के बोझ को कम करना है।
कितने उपभोक्ताओं को मिल रहा लाभ?
कंपनी के अनुसार इस योजना से:
- लगभग 1.67 करोड़ परिवारों को फायदा मिल रहा है
- हर महीने 125 यूनिट तक बिजली पूरी तरह मुफ्त
- 125 यूनिट से कम खपत पर बिल पूरी तरह ‘शून्य’
- स्मार्ट प्रीपेड (Smart Prepaid) और पोस्टपेड (Postpaid) दोनों उपभोक्ता शामिल
इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के घरेलू उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिल रहा है।
बिल चेक करते समय इन बातों का रखें ध्यान
BSPHCL ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे अपने बिजली बिल में निम्न बातों को ध्यान से देखें:
- बिलिंग अवधि कितने दिनों की है
- कुल यूनिट खपत कितनी दर्ज हुई है
- प्रो-राटा के अनुसार मुफ्त यूनिट की सीमा कितनी बन रही है
मुफ्त बिजली का लाभ पूरी तरह बिलिंग अवधि पर निर्भर करता है। यदि बिलिंग अवधि अधिक है तो मुफ्त यूनिट की संख्या भी उसी अनुपात में बढ़ेगी।
पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर
कंपनी का कहना है कि यह पूरी व्यवस्था पारदर्शिता (Transparency) और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है। प्रो-राटा फॉर्मूला लागू करने से यह सुनिश्चित होता है कि किसी भी उपभोक्ता को बिलिंग अवधि में बदलाव के कारण कम या ज्यादा लाभ न मिले। योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि हर पात्र घरेलू उपभोक्ता तक मुफ्त बिजली का लाभ सही तरीके से पहुंचे।
क्यों जरूरी है प्रो-राटा व्यवस्था?
अक्सर मीटर रीडिंग या तकनीकी कारणों से बिलिंग अवधि 30 दिनों की नहीं होती।
यदि सीधे 125 यूनिट की सीमा लागू कर दी जाए तो:
- 40 दिन के बिल में उपभोक्ता को कम लाभ मिलेगा
- 25 दिन के बिल में अधिक लाभ मिल सकता है
इसी असमानता को दूर करने के लिए प्रो-राटा पद्धति अपनाई गई है।
उपभोक्ताओं के लिए अंतिम सलाह
यदि आपके बिजली बिल में यूनिट या शुल्क को लेकर कोई भ्रम है, तो पहले बिलिंग अवधि और कुल खपत को देखें। 125 यूनिट मुफ्त बिजली की गणना आसान है-बस 125 को बिलिंग दिनों से गुणा कर 30 से भाग दें।इस सरल फार्मूले से आप मिनटों में जान सकते हैं कि कितनी यूनिट तक आपको ऊर्जा शुल्क नहीं देना है।
















